8th Pay Commission News: केंद्र सरकार में काम करने वाले लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नए वेतन आयोग लागू होने से कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनस के पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इस बीच कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मिनिमम सैलरी 69,000 रुपये करने की मांग की है।
नेशनल काउंसिल (ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी), या NC-JCM की ड्राफ्ट कमेटी ने 8वें CPC को सौंपे गए अपने फाइनल मेमोरेंडम में 8वें वेतन आयोग से जुड़ी कुछ मांगें रखी हैं। इनमें कम से कम 69,000 रुपये का वेतन, 3.83 का Fitment factor, 6% का सालाना इंक्रीमेंट, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और कम से कम मकान किराया भत्ता (HRA) स्लैब को बढ़ाकर 30% करने की मांग रखी गई है।
8वें वेतन आयोग को लेकर NC-JCM कमेटी की प्रमुख मांगें:
- न्यूनतम वेतन ₹69,000 तय किया जाए (5 सदस्यीय परिवार को आधार मानकर)
- सभी लाभ 1 जनवरी 2026 से लागू किए जाएं
- वर्तमान कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 3.83 का फिटमेंट फैक्टर और
- बेसिक पे का सालाना 6% इंक्रीमेंट
- 30 साल की सेवा में कम से कम 5 प्रमोशन/फाइनेंशियल अपग्रेडेशन
- ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मृत्यु पर ₹2 करोड़ का मुआवजा
- 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए
- पेंशन आखिरी वेतन का 67% और फैमिली पेंशन 50% हो
- अर्जित अवकाश (EL) का असीमित संचय और 600 दिनों तक एन्कैशमेंट
- 100% ग्रुप इंश्योरेंस: ग्रुप ‘C’ के लिए ₹1 करोड़, ग्रुप ‘B’ के लिए ₹1.5 करोड़
- ग्रेच्युटी: एक महीने का वेतन प्रति वर्ष, 33 साल की सीमा खत्म हो
- पुरुष कर्मचारियों के लिए 45 दिन की पितृत्व अवकाश
- पूरी सेवा में 60 दिन का पैरेंट केयर लीव
- LTC पर 20 दिन का EL एन्कैशमेंट
- OPS बहाली तक NPS और UPS कर्मचारियों को GPF सुविधा
- न्यूनतम 30 दिन का बोनस (बेसिक पे + DA पर)
- HRA तीन स्लैब में: 40% (X), 35% (Y), 30% (Z), DA से लिंक
- मातृत्व अवकाश 240 दिन किया जाए, 2 बच्चों की सीमा हटे
- पेंशन कम्यूटेशन 11 साल बाद बहाल हो
- सिविलियन कर्मचारियों के लिए भी One Rank One Pension लागू हो
कर्मचारी स्तरों में बदलाव की मांग
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के प्रमुख संघों और यूनियनों की 8वें CPC (केंद्रीय वेतन आयोग) से संबंधित मांगों की एक साझा सूची जारी की है। NC-JCM इन यूनियनों की एक शीर्ष संस्था है। इन मांगों में मसौदा समिति ने 8वें वेतन आयोग से अनुरोध किया है कि वह 7वें वेतन आयोग के 18 कर्मचारी स्तरों को मिलाकर सात स्तरों में बदल दे; पारिवारिक इकाइयों की संख्या पांच से बढ़ाकर सात कर दें। यह सुनिश्चित करे कि 30 वर्षों की सेवा अवधि में प्रत्येक कर्मचारी को कम से कम पांच पदोन्नतियां मिलें और हर पांच साल में पेंशन की समीक्षा करे। इनके अलावा भी कई अन्य अनुरोध किए गए हैं। ड्राफ्ट कमेटी ने अपनी सभी मांगें 1 जनवरी, 2026 से लागू करने की मांग की है।
