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8th Pay Commission: कितनी बढ़ेगी सैलरी? फिटमेंट फैक्टर और एरियर पर पूरी जानकारी जानें

देशभर के लाखों कर्मचारी नए वेतन आयोग लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आइए अबतक के डेवलपमेंट की पूरी जानकारी देते हैं।

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8वां वेतन आयोग

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के लिए संदर्भ की शर्तें (ToR) पिछले साल नवंबर में जारी की गई थीं। तब से, वेतन वृद्धि, बकाया, संशोधनों और पेंशन संरचनाओं में प्रस्तावित बदलावों के लागू होने को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच, आयोग के पास अपनी सिफारिशें जमा करने के लिए कुल 18 महीने का समय है। आइए आपको 8वें वेतन आयोग से जुड़े कुछ सबसे महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देते हैं।

8वां वेतन आयोग क्या है?

केंद्रीय कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पूर्व सैनिकों के वेतन, भत्ते और पेंशन में संशोधन के लिए सरकार हर 10 साल में एक आयोग का गठन करती है। इसे ही वेतन आयोग कहा जाता है। इस बार का आयोग 8वां है, इसलिए इसे 8वां वेतन आयोग कहा जा रहा है। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं।

आयोग कैसे काम करता है?

आयोग विभिन्न मंत्रालयों, कर्मचारी संघों, पेंशनभोगियों और अन्य संबंधित पक्षों से विचार और सुझाव इकट्ठा करता है। ये सुझाव इकट्ठा हो जाने के बाद, आयोग वेतन संरचनाओं, पेंशन फ़ॉर्मूलों और भत्तों के पैटर्न का विश्लेषण और अध्ययन करता है, और उसके बाद ही अपनी अंतिम सिफारिशें देता है।

8वां वेतन आयोग कब लागू होगा?

इसकी अधिसूचना 17 जनवरी 2025 को जारी की गई थी और इसे 1 जनवरी 2026 तक लागू करने का कार्यक्रम तय किया गया था। हालांकि, अगर हम पिछले वेतन आयोगों की समय-सीमाओं को संदर्भ के तौर पर देखें, तो यह प्रक्रिया काफी लंबी होती है। 7वें वेतन आयोग को बनने से लेकर लागू होने तक 2.5 साल लगे, और 6वें वेतन आयोग को 2 साल; जबकि 5वें वेतन आयोग को 3.5 साल लगे।

Fitment Factor क्या है?

फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा मल्टीप्लायर है जो पुरानी बेसिक पे को नई बेसिक पे में बदलता है। इस मामले में, फैक्टर जितना ज्यादा होगा, सैलरी और पेंशन में उतनी ही ज्यादा बढ़ोतरी होगी। इसका असर प्रोविडेंट फंड में जमा होने वाली रकम, ग्रेच्युटी से जुड़ी कैलकुलेशन और बेसिक पे से जुड़े रिटायरमेंट के दूसरे फायदों पर भी पड़ता है।

कर्मचारियों को कितना बकाया मिल सकता है?

ऐतिहासिक रूप से, बकाया पिछली कमीशन की अवधि के अंत से गिना जाता है और समय-सीमा तथा लागू होने के तरीके के आधार पर इसमें काफी अंतर रहा है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 5वें वेतन आयोग में, न्यूनतम मूल वेतन पाने वालों को 21 महीनों का लगभग ₹11,200 बकाया मिला था।

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Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

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