वित्त मंत्रालय द्वारा इस महीने 8वें वेतन आयोग के लिए संदर्भ शर्तों (ToR) को मंजूरी दिए जाने के बाद, केंद्र सरकार के कई कर्मचारी संगठन मंत्रालय से ToR की शर्तों में संशोधन करने और कर्मचारियों व पेंशनभोगियों से संबंधित प्रावधान जोड़ने की मांग कर रहे हैं। केंद्रीय सरकारी कर्मचारी संघ ने इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। कर्मचारी संघ ने वित्त मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह संदर्भ शर्तों में संशोधन करे और पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए पेंशन संशोधन सहित अन्य मांगों को शामिल करे।
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगें
- 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू की जाएं।
- विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत पेंशन और पेंशनरी लाभों में संशोधन किया जाए।
- ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली और NPS/UPS की व्यापक समीक्षा की जाए।
- सभी फायदे स्वायत्त निकायों और ग्रामीण डाक सेवकों तक भी पहुंचाए जाएं।
- कर्मचारियों को तुरंत 20% अंतरिम राहत (Interim Relief) प्रदान की जाए।
- CGHS जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कर इन्हें स्वायत्त निकायों तक उपलब्ध कराया जाए।
इन मामलों को लेकर स्पष्टता नहीं
8वें वेतन आयोग की कार्य-सूची में पुरानी पेंशन योजना, एकीकृत पेंशन योजना और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आने वाले पारिवारिक पेंशनभोगियों सहित मौजूदा 69 लाख पेंशनभोगियों के लिए पेंशन संशोधन, पेंशन में समानता या अन्य पेंशन संबंधी लाभों, जिसमें पेंशन के कम्यूटेशन की बहाली की अवधि आदि शामिल है, के संबंध में कोई स्पष्टता नहीं है। कर्मचारी संगठन ने सरकार से इन मांगों पर ध्यान देने और कदम उठाने की मांग की है।
