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1 अप्रैल की सुबह से PAN Card को लेकर बदल जाएंगे ये 8 नियम! घर-कार खरीदने से लेकर होटल बिल सब पर होगा असर

1 अप्रैल 2026 से पैन कार्ड के नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। नए 'इनकम टैक्स एक्ट' के तहत प्रॉपर्टी, कार खरीदने और होटल बिल जैसे नकद लेनदेन की सीमाएं बदल दी गई हैं। अब बड़े ट्रांजैक्शन पर सरकार की पैनी नजर रहेगी, जबकि छोटे लेनदेन के लिए नियमों को आसान बनाया गया है।

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Pan Card Rules Changing

नया वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल 2026 भारत के मध्यम वर्ग और व्यापारियों के लिए बड़े वित्तीय बदलाव लेकर आ रहा है। भारत सरकार द्वारा 'इनकम टैक्स एक्ट 2025' के प्रावधानों को लागू करने के साथ ही पैन कार्ड (PAN Card) की अनिवार्यता और ट्रांजैक्शन की सीमाओं में बड़े फेरबदल किए गए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य छोटे लेनदेन को सरल बनाना और बड़े खर्चों में पारदर्शिता लाना है। यदि आप आने वाले समय में निवेश, खरीदारी या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन 8 नियमों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

बदल जाएंगे ये 8 नियम

1. प्रॉपर्टी लेनदेन में बड़ी राहत

अब तक 10 लाख रुपये से अधिक की अचल संपत्ति (घर, दुकान या जमीन) की खरीद-बिक्री पर पैन कार्ड देना अनिवार्य था। 1 अप्रैल 2026 से इस सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे छोटे शहरों में सस्ती जमीन या मकान खरीदने वालों को कागजी कार्रवाई से काफी राहत मिलेगी।

2. कार और महंगी गाड़ियों की खरीद

वाहनों की खरीद के लिए भी नियमों को उदार बनाया गया है। अब पैन कार्ड की जरूरत केवल उन वाहनों के लिए होगी जिनकी कीमत 5 लाख रुपये से अधिक है। पहले लगभग हर चार पहिया वाहन के लिए पैन अनिवार्य था, लेकिन अब बजट सेगमेंट की कारों और बाइक्स के लिए यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

3. होटल और रेस्टोरेंट बिल की सीमा

यदि आप किसी होटल या रेस्टोरेंट में भारी-भरकम कैश पेमेंट करते हैं, तो अब आपको पैन कार्ड तभी देना होगा जब बिल 1 लाख रुपये से अधिक हो। पहले यह सीमा 50,000 रुपये थी। यह बदलाव खास तौर पर शादी-ब्याह और बड़े पारिवारिक आयोजनों के दौरान कैश भुगतान को आसान बनाएगा।

4. सालाना कैश ट्रांजैक्शन का नया नियम

बैंकिंग लेनदेन में अब प्रतिदिन की सीमा के बजाय सालाना एग्रीगेट (Total) पर ध्यान दिया जाएगा। अब एक वित्तीय वर्ष में कुल 10 लाख रुपये से ज्यादा के नकद जमा या निकासी पर ही पैन कार्ड अनिवार्य होगा। यह छोटे व्यापारियों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें रोजमर्रा के छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन के लिए पैन की चिंता नहीं करनी होगी।

5. इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए पैन जरूरी

अब किसी भी नई बीमा पॉलिसी को खरीदने के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य कर दिया गया है। भले ही प्रीमियम की राशि कम हो, लेकिन 'अकाउंट बेस्ड रिलेशनशिप' के तहत अब हर पॉलिसी को पैन से लिंक करना होगा। यह नियम बीमा क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए पारदर्शिता बढ़ाएगा।

6. पैन कार्ड बनवाने के लिए नए दस्तावेज

1 अप्रैल 2026 से नया पैन कार्ड बनवाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अब आधार कार्ड को जन्मतिथि (DOB) के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके बजाय आपको बर्थ सर्टिफिकेट, पासपोर्ट या 10वीं की मार्कशीट जैसे आधिकारिक दस्तावेज देने होंगे। ई-पैन की सुविधा भी अब केवल उन्हीं को मिलेगी जिनके पास ये अतिरिक्त दस्तावेज होंगे।

7. नाम और पहचान का मिलान

आयकर विभाग ने अब सख्त निर्देश दिए हैं कि पैन और आधार में नाम की स्पेलिंग बिल्कुल एक जैसी होनी चाहिए। अगर आपके दोनों कार्डों में नाम अलग हैं, तो 1 अप्रैल के बाद आपका ट्रांजैक्शन रुक सकता है। विभाग अब बायोमेट्रिक के साथ-साथ नाम के मिलान को भी प्राथमिकता दे रहा है।

8. क्रेडिट कार्ड और निवेश की निगरानी

नए नियमों के अनुसार, हर नए क्रेडिट कार्ड आवेदन के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य है। साथ ही, साल भर में 10 लाख रुपये से अधिक के क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान की जानकारी सीधे आयकर विभाग को भेजी जाएगी। इसके अलावा, शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए भी केवाईसी (KYC) नियमों को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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