7th pay commission: केंद्रीय कर्मचारियों का 18 महीनों का महंगाई भत्ता (DA) का पेमेंट नहीं किया जाएगा। बजट सत्र के प्रश्न काल के दौरान यह जानकारी सामने आई है। सरकार ने यह भी बताया कि कर्मचारियों के रोके गए महंगाई भत्ते से 34,402.32 करोड़ रुपए की बचत हुई थी, जिसका इस्तेमाल महामारी में किया गया था।
तीन किस्त रुकेगा पैसा
2020 में महामारी कोरोना के दौरान महंगाई भत्ते की तीन किस्त रोकी गई थीं। साल 2021 में जून महीने में इसे दिया गया था। उस दौरान जनवरी 2020, जून 2020 और जनवरी 2021 के लिए महंगाई भत्ते में 17% की एकमुश्त बढ़ोतरी की गई लेकिन, इस अवधि में रुका पैसा नहीं मिला। 18 महीनों के इस DA Arrear को लेकर लगातार डिमांड है।
सरकार ने क्या कहा
सरकार बताया कि इस समय बजट घाटा FRBM Act के प्रावधानों की तुलना में दोगुना है। वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी के अनुसार, महामारी के दौरान फंड की जरूरत थी, जिसे डीए भुगतान को रोककर जो राशि बचाई गई, उसे आर्थिक एक्टिविटी में लगाया गया। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों के बकाए महंगाई भत्ते को देना उचित नहीं समझा गया।
हो सकता है बड़ा ऐलान
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बुधवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को मंजूरी मिल सकती है। महंगाई भत्ते में 4% का इजाफा होना है। इसके बाद महंगाई भत्ता बढ़कर 42% हो जाएगा। ये महंगाई भत्ता जनवरी 2023 से लागू होगा।
