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20 साल के हैं तो अनजाने में की गईं ये 5 गलतियां, आपको जिंदगीभर रखेंगी कंगाल

20 की उम्र में पैर पसारती आज की कुछ आर्थिक लापरवाहियां आपके कल को संकट में डाल सकती हैं। दिखावे के खर्च, निवेश में देरी और कर्ज की आदत जैसी ये 5 अनजानी गलतियां आपको जिंदगीभर पाई-पाई के लिए मोहताज रख सकती हैं। समय रहते इन्हें सुधारना बेहद जरूरी है।

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False Ceiling

20 से 30 साल की उम्र (20s) किसी भी इंसान की जिंदगी का सबसे खूबसूरत और ऊर्जावान समय होता है। इसी उम्र में ज्यादातर लोगों की पढ़ाई पूरी होती है और वे अपने करियर या नौकरी की शुरुआत करते हैं। पहली बार हाथ में खुद की कमाई का पैसा आने पर उत्साह होना स्वाभाविक है, लेकिन यही वह दौर भी होता है जब अनजाने में की गईं कुछ छोटी-छोटी आर्थिक गलतियां आपके पूरे भविष्य को बर्बाद कर सकती हैं। कई युवा इस उम्र में पैसों को लेकर काफी लापरवाह होते हैं और सोचते हैं कि अभी तो कमाने और निवेश करने की पूरी उम्र बची है। लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि इस उम्र में लिया गया एक गलत फैसला या पाल ली गई कोई बुरी वित्तीय आदत आगे चलकर उन्हें कर्ज के जाल में धकेल सकती है और जिंदगीभर कंगाल बनाए रख सकती है। इसलिए, अपनी मेहनत की कमाई को सही ढंग से मैनेज करना सीखना इस उम्र में बेहद जरूरी है।

5 गलतियां जो बना देंगी कंगाल

इस उम्र में की जाने वाली सबसे पहली और बड़ी गलती है इन्वेस्टमेंट (निवेश) की शुरुआत करने में देरी करना। ज्यादातर युवाओं को लगता है कि जब उनकी सैलरी बढ़ेगी या जब वे 30-35 साल के हो जाएंगे, तब वे निवेश करना शुरू करेंगे। लेकिन यह सोच पूरी तरह से गलत है। निवेश की दुनिया में सबसे बड़ा जादू 'कंपाउंडिंग' (ब्याज पर ब्याज मिलना) का होता है, और कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए आपको अपने पैसे को ज्यादा से ज्यादा समय देना पड़ता है। अगर आप 20 साल की उम्र से महज 1,000 या 2,000 रुपये की छोटी सी एसआईपी (SIP) भी शुरू कर देते हैं, तो 40 की उम्र तक आते-आते वह एक बहुत बड़ा फंड बन जाता है। इसके विपरीत, अगर आप 30 साल की उम्र में भारी-भरकम रकम भी निवेश करना शुरू करते हैं, तो भी आप उस मुनाफे की बराबरी नहीं कर पाते जो कम उम्र में निवेश करने वाले को मिलता है। इसलिए, 'कल करेंगे' की आदत छोड़ें और पहली सैलरी से ही निवेश की आदत डालें।

दूसरी सबसे बड़ी गलती जो आज के युवाओं को तेजी से कंगाल बना रही है, वह है दिखावे की संस्कृति (Instant Gratification) और बेहिसाब खर्च। सोशल मीडिया के इस दौर में दूसरों को प्रभावित करने के लिए महंगे स्मार्टफोन, ब्रांडेड कपड़े, महंगी घड़ियां खरीदना और हर वीकेंड पर महंगे कैफे या पब में जाना एक ट्रेंड बन गया है। अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च करने की यह लत युवाओं के सेविंग्स रेट को शून्य कर देती है। कई युवा अपनी कुल कमाई का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ लाइफस्टाइल मेंटेन करने में उड़ा देते हैं। अर्थशास्त्र का एक सीधा नियम है—पहले बचत करें, फिर जो बचे उसे खर्च करें। लेकिन आज के युवा पहले खर्च करते हैं और अगर कुछ बच गया (जो अक्सर नहीं बचता), तो उसे बचाने की सोचते हैं। दिखावे की यह भूख आपको कभी अमीर नहीं बनने देगी।

तीसरी गलती है क्रेडिट कार्ड और 'बाय नाउ, पे लेटर' (BNPL) का गलत इस्तेमाल। आज के समय में बैंकों और फिनटेक कंपनियों ने लोन या क्रेडिट कार्ड लेना बेहद आसान बना दिया है। युवा अपनी जेब में पैसा न होने के बावजूद क्रेडिट कार्ड या आसान किश्तों (EMIs) पर महंगे गैजेट्स और वेकेशन ट्रिप प्लान कर लेते हैं। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अगर समझदारी से न किया जाए, तो इसका भारी-भरकम ब्याज और हिडन चार्जेस आपको ऐसे कर्ज के दलदल में फंसा देते हैं जिससे निकलना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, कम उम्र में ही लोन डिफॉल्ट करने या क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर न भरने से आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) खराब हो जाता है, जिसके कारण भविष्य में आपको घर, गाड़ी या बिजनेस के लिए जरूरी लोन मिलने में भारी दिक्कत आती है।

चौथी गलती है इमरजेंसी फंड (Emergency Fund) न बनाना। जिंदगी कभी भी एक जैसी नहीं रहती, नौकरी छूटना, अचानक मेडिकल इमरजेंसी आना या परिवार में कोई बड़ा संकट आना बेहद आम बात है। कई युवा अपनी पूरी सैलरी खर्च कर देते हैं और किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए कोई बैकअप प्लान नहीं रखते। ऐसे में जब कोई मुसीबत आती है, तो उन्हें दोस्तों या रिश्तेदारों के आगे हाथ फैलाना पड़ता है या फिर भारी ब्याज दर पर पर्सनल लोन लेना पड़ता है। एक सुरक्षित भविष्य के लिए यह बेहद जरूरी है कि आपके पास कम से कम आपके 6 महीने के खर्च के बराबर पैसा एक अलग बैंक खाते में हमेशा सुरक्षित रहे, जिसे आप बेहद जरूरी होने पर ही छुएं।

पांचवीं गलती जो अक्सर लोग करते हैं, वह है हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस (Insurance) को फालतू खर्च समझना। 20 साल की उम्र में लोग खुद को पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित मानते हैं, इसलिए वे इंश्योरेंस लेने की जरूरत नहीं समझते। लेकिन एक बात याद रखें, इस उम्र में इंश्योरेंस का प्रीमियम सबसे कम होता है। अगर अचानक कोई बड़ी बीमारी आ जाए, तो बिना इंश्योरेंस के अस्पताल का एक ही बिल आपकी बरसों की जमा-पूंजी को एक झटके में साफ कर सकता है। संक्षेप में कहें तो, 20s की उम्र में अपनी कमाई का आनंद जरूर लें, लेकिन वित्तीय अनुशासन के साथ। आज की गई थोड़ी सी बचत और समझदारी आपको जिंदगीभर आर्थिक रूप से मजबूत और समृद्ध बनाए रखेगी।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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