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Indian Stock Market: ट्रम्प के राष्ट्रपति बनते ही लुढ़का भारतीय शेयर बाजार, सेंसेक्स 800 अंक फिसला, आखिर क्यों आया भूचाल, जानिए 5 बड़े कारण

Downfall in Stock Market: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई। आज सेंसेक्स 800 अंक से अधिक टूटा। उसके बाद करीब ढाई बजे ये 783 अंक या 1.02 फीसदी की गिरावट के साथ 76,290.46 पर है, जबकि NSE का निफ्टी 201 अंक या 0.86 फीसदी फिसलकर 23,143.80 पर है।

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क्यों लुढ़का शेयर बाजार

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • लुढ़का शेयर बाजार
  • 800 अंक टूटा सेंसेक्स
  • गिरावट की हैं कई वजह

Downfall in Stock Market: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई। आज सेंसेक्स 800 अंक से अधिक टूटा। उसके बाद करीब ढाई बजे ये 783 अंक या 1.02 फीसदी की गिरावट के साथ 76,290.46 पर है, जबकि NSE का निफ्टी 201 अंक या 0.86 फीसदी फिसलकर 23,143.80 पर है। डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद आज शेयर बाजार टूटा। आज की गिरावट के कई कारण हैं। आगे जानिए कौन से फैक्टर बाजार पर हावी हैं।

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ट्रम्प की ट्रेड नीतियों पर अनिश्चितता

कनाडा, मैक्सिको और भारत जैसे देशों पर संभावित टैरिफ समेत डोनाल्ड ट्रम्प की ट्रेड नीतियां अनिश्चितता पैदा कर रही हैं और मार्केट सेंटीमेंट को प्रभावित कर रही हैं।

टैरिफ संबंधी चिंता

कनाडा और मैक्सिको पर 25% टैरिफ जैसे टैरिफ बढ़ोतरी के लागू होने के संकेत ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता में योगदान दे रहे हैं।

केंद्रीय बजट 2025 पर फोकस

1 फरवरी को केंद्रीय बजट से पहले निवेशक सतर्क हैं, क्योंकि वे राजकोषीय खर्च को बनाए रखते हुए उपभोग, ग्रामीण विकास, विनिर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के उपायों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

ऊंची उम्मीदें, संभावित निराशा

बजट में प्रमुख अपेक्षाओं को पूरा करने में कोई भी विफलता बाजार की धारणा को और कमजोर कर सकती है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) जनवरी में लगातार भारतीय इक्विटी बेच रहे हैं। 20 जनवरी तक लगभग ₹51,000 करोड़ की बिक्री हुई है।

अमेरिकी डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड

डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण एफपीआई भारतीय बाजारों से निवेश वापस ले रहे हैं।

कमजोर कॉर्पोरेट नतीजे

पहली और दूसरी तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद, तीसरी तिमाही की कंपनियों के तिमाही नतीजे भी निराशाजनक रहे हैं, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में मिश्रित रुझान देखने को मिले हैं।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी बाजार में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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