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हरमनप्रीत सिंह ने भरी हुंकार, कहा- हॉकी विश्व कप में भी खत्म होगा पांच दशक का सूखा

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा है कि जिस तरह हमने टोक्यो ओलंपिक में पदक का सूखा खत्म किया था उसी तरह हॉकी विश्व कप में भी 51 साल के सूखे को खत्म करेंगे।

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एमआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026

नई दिल्ली: टोक्यो ओलंपिक से पहले मन में जो चल रहा था, कुछ उसी तरह के भाव हैं और तैयारी भी उतनी ही मजबूत है क्योंकि हमारा एक ही लक्ष्य है कि विश्व कप में पांच दशक से पोडियम पर नहीं रहने का सिलसिला तोड़ना ही है,'यह कहना है भारतीय हॉकी कप्तान हरमनप्रीत सिंह का। टोक्यो ओलंपिक 2020 में 41 साल बाद कांस्य पदक जीतने के बाद पेरिस में 2024 में अपनी कप्तानी में उसे दोहराने वाले हरमनप्रीत को बखूबी पता है कि कई खिलाड़ियों के लिये विश्व कप जीतने का शायद यह आखिरी मौका है।

पांच दशत का सूखा खत्म करने उतरेंगे

उन्होंने भाषा को दिये इंटरव्यू में कहा,'हम भी चाहते हैं कि 50 साल से विश्व कप नहीं जीत पाने के सिलसिले को वैसे ही तोड़ें, जैसे टोक्यो में 41 साल बाद ओलंपिक पदक जीता था । उसी सोच और उसी तैयारी के साथ उतरेंगे। लेकिन कोई दबाव नहीं है, बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी है।' विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड और बेल्जियम में खेला जायेगा । भारत ने सिर्फ एक बार 1975 में कुआलालम्पुर में खिताब जीता है। इसके अलावा 1971 में बार्सीलोना में कांस्य और 1973 में एम्सटेलवीन में रजत पदक जीता था। दो ओलंपिक पदक जीत चुके भारतीय टीम के कई मौजूदा खिलाड़ी अपने कैरियर के आखिरी पड़ाव पर भी हैं और विश्व कप के जरिये भारतीय हॉकी का सुनहरा अध्याय लिखना चाहेंगे।

पदक जीतने का सुनहरा मौका

भारत के लिये 264 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके इस अनुभवी ड्रैग फ्लिकर ने कहा,'पिछले कुछ मैचों में टीम के प्रदर्शन, आत्मविश्वास और एकजुटता से विश्वास बढ़ा है कि यह सुनहरा मौका है । अनुभवी खिलाड़ियों के लिये यह और भी अहम है क्योंकि कुछ खिलाड़ियों का यह आखिरी विश्व कप हो सकता है और उनसे काफी अपेक्षायें हैं।' उन्होंने कहा,'वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके मिसाल बनना चाहेंगे ताकि आने वाली पीढी को इसी तरह से खेलने की प्रेरणा मिले।'

आसान नहीं होगा लक्ष्य तक पहुंचना

हरमनप्रीत ने हालांकि स्वीकार किया कि लक्ष्य तक पहुंचना आसान नहीं होगा और इसके लिये काफी मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा,'लक्ष्य तक पहुंचने की राह आसान नहीं है, इसलिये बहुत मेहनत करनी होगी। हम हार नहीं मानने की सोच के साथ खेलते हैं और इसे दिमाग में हमेशा रखेंगे।' टीम की वास्तविक संभावनाओं के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा,'विश्व कप में किसी टीम को हलके में नहीं ले सकते । सभी अपना सौ प्रतिशत देने और जीत की मानसिकता से आयेंगी । हम मैच दर मैच रणनीति बनायेंगे और जरूरत से ज्यादा आगे की नहीं सोचेंगे।'

प्रो लीग की गलतियों से सीखेंगे सबक

प्रो लीग के यूरोप चरण में भारत ने कुछ अच्छे मैच खेले लेकिन टीम नौ टीमों की तालिका में पाकिस्तान से ऊपर आठवें स्थान पर रही । हरमनप्रीत ने कहा कि प्रो लीग की गलतियों से सबक लेकर उनकी टीम खेलेगी क्योंकि विश्व कप में दूसरा मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा ,'प्रो लीग में हम नीदरलैंड और जर्मनी जैसी टीमों के खिलाफ भी जीते । ऐसे टूर्नामेंटों में आप प्रयोग करते हैं, बहुत कुछ सीखते हैं और विरोधी के बारे में विश्लेषण करते हैं । विश्व कप हालांकि ऐसा टूर्नामेंट है जिसमें दूसरा मौका नहीं मिलेगा लिहाजा छोटी छोटी गलतियों से भी बचना होगा।'

उन्हें यकीन है कि पेनल्टी कॉर्नर के अलावा भारत अधिक फील्ड गोल भी करेगा क्योंकि फॉरवर्ड पंक्ति का आपसी तालमेल बहुत अच्छा है। उन्होंने कहा,'पिछले कुछ मैचों में हमने काफी फील्ड गोल किये हैं। गोल कौन कर रहा है, यह मायने नहीं रखता लेकिन मौकों का इस्तेमाल करना जरूरी है। फॉरवर्ड पंक्ति का तालमेल अच्छा है और मुझे उन पर पूरा भरोसा है।'

विरोधियों के पीसी डिफेंस देखकर बनाते हैं रणनीति

यह पूछने पर कि वीडियो विश्लेषण और तकनीक के दौर में ड्रैग फ्लिक में नवीनता लाना कितना मुश्किल है, उन्होंने कहा,'बिल्कुल यह मुश्किल होता जा रहा है क्योंकि सभी वीडियो विश्लेषण करते हैं । लेकिन छोटी छोटी चीजों पर काम कर रहे हैं। हम भी विरोधी टीमों का पीसी डिफेंस देखकर रणनीति बनाते हैं कि कहां गोल की गुंजाइश हो सकती है।'

युवा खिलाड़ियों पर जताया भरोसा

विश्व कप में पदार्पण कर रहे खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय हॉकी का पर्याप्त अनुभव है और बतौर कप्तान सकारात्मक संवाद के साथ टीम से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा,'पहली बार खेल रहे युवाओं के साथ हम अपना अनुभव साझा कर रहे हैं। बतौर कप्तान मैं सकारात्मक संवाद में विश्वास करता हूं। एक दूसरे का सहयोग करना, अपनी जिम्मेदारी को निभाना बड़े टूर्नामेंट में अहम है। युवा खिलाड़ियों पर दबाव नहीं है। प्रो लीग में वे शीर्ष टीमों के खिलाफ खेल चुके हैं। उन्हें बताया गया है कि अपना स्वाभाविक खेल खेलें लेकिन टीम के प्रति जिम्मेदारी को ऊपर रखें और यह तैयारी में दिख भी रहा है।'

पाकिस्तान के खिलाफ जज्बात काबू में रखकर खेलेंगे

ग्रुप चरण में पाकिस्तान के खिलाफ मैच को लेकर ’हाइप’ के बारे में उन्होंने कहा कि भारतीय टीम जज्बात को काबू में रखकर खेलेगी। उन्होंने कहा,'पाकिस्तान के खिलाफ मैच में हाइप तो हमेशा रहेगी, लेकिन हम आपस में बात करते हैं कि जज्बात हावी नहीं होने देना है और टीम के प्रति जिम्मेदारी को पहले रखना है। हमारा प्रदर्शन उनके खिलाफ अच्छा ही रहा है जिसे कायम रखने की कोशिश रहेगी।'

ओलंपिक क्वालिफिकेशन एशियाई खेलों में हासिल करने पर है यकीन

विश्व कप के कुछ दिन बाद ही सितंबर अक्टूबर में जापान में होने वाले एशियाई खेलों में भी अच्छा प्रदर्शन करके ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई करने का उन्हें यकीन है। उन्होंने कहा,'मुझे टीम पर और ट्रेनिंग पर भरोसा हैं। जो चीजें हमारे हाथ में नहीं है, उसके बारे में सोचने की बजाय हम विश्व कप के बाद जल्दी रिकवर होकर एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे। एशिया में हमने अच्छा खेला है और उस दबदबे को कायम रखकर ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करेंगे।' कल से ग्लास्गो में शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों में हॉकी इस बार नहीं है। हरमनप्रीत ने भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामना देते हुए कहा,'आप भारत के लिये खेल रहे हो । अपेक्षायें काफी है कि बड़े टूर्नामेंटों में खिलाड़ी अच्छा खेलेंगे, ज्यादा से ज्यादा पदक जीतेंगे। आपको शुभकामनायें।'

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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