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GST Slabs: GST सिस्टम में बनेंगे 3 टैक्स स्लैब ! आम आदमी के लिए अलग होगा रेट, अमीरों पर लगेगा ज्यादा टैक्स

GST Tax Slab: जीएसटी टैक्स सिस्टम में 3 स्लै बनाई जा सकती हैं। इनमें आम आदमी के लिए लोअर रेट और संपन्न वर्ग के लिए ऊंची दर तय की जा सकती है।

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जीएसटी में होंगे 3 टैक्स स्लैब

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • GST में हो सकती हैं 3 टैक्स स्लैब
  • आम आदमी के लिए होगा कम रेट
  • अमीरों के लिए बनेगी हायर रेट

GST Tax Slab: केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के चेयरमैन संजय कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को कहा कि भारत का इनडायरेक्ट टैक्स स्लैब स्ट्रक्चर मिनिमम टैक्स स्लैब की ओर बढ़ेगा और केंद्र सरकार वस्तु एवं सेवा कर (GST) और कस्टम ड्यूटी के तहत मौजूदा क्लासिफिकेशन में बदलाव करेगी। ईटी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि जीएसटी में तीन टैक्स स्लैब रखना सही और समझदारी है। अग्रवाल ने कहा मेरे विचार में, तीन जीएसटी स्लैब संभव हैं। एक मिडीयन स्लैब, आम आदमी के लिए वस्तुओं और सेवाओं के लिए एक लोअर स्लैब और निश्चित तौर पर अमीरों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं के लिए एक हायर स्लैब। उन्होंने कहा कि इस प्लान पर अंतिम फैसला जीएसटी काउंसिल लेगी।

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अभी कितने और कौन-कौन से हैं टैक्स स्लैब

मौजूदा जीएसटी फ्रेमवर्क के तहत, चार टैक्स स्लैब हैं। इनमें 5%, 12%, 18% और 28% के टैक्स स्लैब शामिल हैं। सीबीआईसी चेयरमैन ने कहा कि आने वाले महीनों में और अधिक टैक्स रिफॉर्म्स किए जाएंगे और जीएसटी काउंसिल अगस्त के अंतिम सप्ताह में होने वाली अपनी अगली बैठक में जीएसटी सुधारों पर विचार करेगी, जिसमें टैक्स रेट को और बेहतर/उचित या तर्कसंगत (Rationalisation) बनाने पर भी चर्चा होगी।

नई समिति का हुआ गठन

टैक्स रेट को तर्कसंगत बनाने पर मंत्रियों के समूह का हाल ही में पुनर्गठन किया गया था और अब इसकी अध्यक्षता बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कर रहे हैं। अग्रवाल ने कहा कि रेट को तर्कसंगत बनाने पर बहुत काम किया गया है और नई समिति इसे और आगे ले जाएगी।

लंबे समय से है मांग

जीएसटी रेट्स को तर्कसंगत बनाना केंद्र सरकार का एक अधूरा एजेंडा है। वहीं साथ ही इंडस्ट्री की ये लंबे समय से मांग भी है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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