UAE IRAN : दुबई को दुनिया के सबसे सेफ बिजनेस हब के तौर पर जाना जाता है। लेकिन, अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान ईरान ने UAE पर जिस तरह हमले किए, उसकी वजह से दुबई की साख को गहरा झटका लगा है। आमतौर पर अमेरिका के साथ खड़े रहने वाले UAE ने अब अलग रास्ते पर चलने का प्लान बना लिया है, ताकि ईरानी हमलों की वजह से दुबई की सुरक्षा को लेकर, जो रिस्क बढ़ा है उसे घटाया जा सके। इसके लिए UAE ने एक बड़ा चौंकाने वाला कदम उठाया है।
रॉयटर्स की रिपार्ट के मुताबिक, UAE ने ईरान के अरबों डॉलर के फ्रीज फंड्स को रिलीज कर दिया है। इनमें करीब 2 टन सोना भी शामिल है, जिसकी कीमत लगभग 283 मिलियन डॉलर बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, UAE का मकसद ईरान को यह भरोसा दिलाना है कि अमेरिका के साथ उसके टकराव में UAE को निशाना न बनाया जाए।
ईरान भेजे गए अरबों डॉलर
रिपोर्ट में तेहरान में ट्रांसफर की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से दावा किया गया है कि 11 और 12 अगस्त को विमान अबू धाबी से तेहरान के मेहराबाद और करज के पयाम एयरपोर्ट पहुंचे। विमान करीब 1 घंटे तक जमीन पर रहने के बाद UAE लौट गए। रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले 8 जून को भी इसी तरह की उड़ान हुई थी। उस समय ईरानी अधिकारियों ने बताया था कि करीब 3 अरब डॉलर ईरान ट्रांसफर किए गए थे। ताजा ट्रांसफर भी UAE के बैंकों में रखी ईरानी संपत्तियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
2 टन सोना भी पहुंचा ईरान
ट्रांसफर की गई संपत्तियों में करीब 2 टन सोना शामिल होने का दावा भी किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 283 मिलियन डॉलर यानी करीब 2,400 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इन कदमों को UAE की उस कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसके तहत वह ईरान-अमेरिका संघर्ष में खुद को सीधे निशाने पर आने से बचाना चाहता है।
15 यात्री विमान की बिक्री को मंजूरी
रिपोर्ट के मुताबिक UAE ने ईरानी एयरलाइंस के लिए 15 पुराने यात्री विमानों की बिक्री को भी मंजूरी दी है। इनमें पूर्व सऊदिया के बोइंग 777 विमान और कई बोइंग 737 तथा एयरबस ए320 विमान शामिल हैं। दो एयरबस ए320 विमान पहले ही ईरान पहुंच चुके हैं। UAE की कंपनियों की मदद से 14 और विमान ईरान पहुंच सकते हैं।
UAE क्यों कर रहा है इतनी कवायद?
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने की स्थिति में खाड़ी देशों पर भी हमले का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में UAE कथित तौर पर ईरान के साथ संपर्क बनाए रखकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि UAE के अधिकारी ईरानी अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं और यह आश्वासन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं कि भविष्य में होने वाली अमेरिकी-ईरानी लड़ाई में UAE को निशाना नहीं बनाया जाएगा।
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