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क्या आप जानते हैं इन 10 तरह की कमाई पर नहीं लगता एक रुपए का भी टैक्स...

भारत में अपनी मेहनत की कमाई पर टैक्स बचाना हर किसी का सपना होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक कुछ कमाई ऐसी भी है जो पूरी तरह टैक्स-फ्री (Tax-Free) होती है? आइए आपको बताते हैं उन 10 खास आय स्रोतों के बारे में, जिन पर आपको एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ता।

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Tax free income

भारत में मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़ी चिंता अपनी मेहनत की कमाई पर लगने वाला 'इनकम टैक्स' होता है। हर साल जब हम अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते हैं, तो कोशिश यही रहती है कि किसी तरह टैक्स की देनदारी कम हो जाए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय आयकर कानून के तहत कुछ ऐसी कमाई भी है, जिस पर आपको एक भी रुपया टैक्स नहीं देना पड़ता? जी हां, इनकम टैक्स एक्ट में कई ऐसे प्रावधान हैं जो कुछ खास तरह की आय को पूरी तरह टैक्स-फ्री रखते हैं। अगर आप इन 10 तरह की कमाई के बारे में जान लें, तो आप न केवल बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग कर पाएंगे, बल्कि कानूनी रूप से अपनी बड़ी बचत भी कर सकेंगे।

टैक्स फ्री है ये कमाई

  • सबसे पहली और बड़ी टैक्स-फ्री कमाई है कृषि आय (Agricultural Income)। भारत एक कृषि प्रधान देश है, इसलिए खेती से होने वाली किसी भी तरह की आय को आयकर के दायरे से बाहर रखा गया है। चाहे आप फसल बेचें या खेती की जमीन किराए पर दें, यह पैसा पूरी तरह आपका होता है।
  • इसके बाद नंबर आता है शादी में मिलने वाले उपहारों (Gifts) का। शादी के मौके पर रिश्तेदारों या दोस्तों से मिलने वाले कैश, ज्वेलरी या प्रॉपर्टी पर कोई टैक्स नहीं लगता, बशर्ते वे शादी के समय मिले हों। हालांकि, सामान्य दिनों में रिश्तेदारों के अलावा किसी और से ₹50,000 से ज्यादा का गिफ्ट मिलने पर टैक्स देना पड़ सकता है, लेकिन शादी के गिफ्ट्स पर ऐसी कोई पाबंदी नहीं है।
  • निवेश की बात करें तो PPF (Public Provident Fund) और EPF (Employees' Provident Fund) मध्यम वर्ग के सबसे पसंदीदा विकल्प हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम और उस पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है।
  • इसी तरह, अगर आपको वसीयत या विरासत (Inheritance) में कोई संपत्ति या पैसा मिलता है, तो उस पर भी कोई इनकम टैक्स नहीं देना होता। सरकार मानती है कि जिस पैसे पर एक बार टैक्स दिया जा चुका है, उसे विरासत में मिलने पर दोबारा टैक्स के दायरे में नहीं लाना चाहिए।
  • शिक्षा और सम्मान के क्षेत्र में भी टैक्स छूट का प्रावधान है। अगर किसी छात्र को पढ़ाई के लिए सरकारी या निजी संस्थान से स्कॉलरशिप (Scholarship) मिलती है, तो वह पूरी तरह टैक्स फ्री होती है, चाहे वह राशि कितनी भी बड़ी क्यों न हो।
  • इसके अलावा, भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कार और सम्मान (जैसे पद्म पुरस्कार या वीरता पुरस्कार) के साथ मिलने वाली नकद राशि पर भी कोई टैक्स नहीं लगता। साथ ही, बीमा पॉलिसी (Life Insurance Policy) की मैच्योरिटी पर मिलने वाला क्लेम भी टैक्स-फ्री होता है, बशर्ते आपका सालाना प्रीमियम आपकी सम एश्योर्ड (Sum Assured) के 10% से कम हो।
  • कुछ अन्य स्रोतों की बात करें तो म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में अगर आप लंबे समय (1 साल से ज्यादा) के लिए निवेश करते हैं, तो ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) अब भी काफी हद तक राहत भरा है (हालांकि अब इस पर मामूली टैक्स है, लेकिन डिविडेंड और कुछ खास बॉन्ड्स का ब्याज अब भी राहत देता है)।
  • इसके अलावा, पेंशन का एक हिस्सा (Commuted Pension) और ग्रेच्युटी की एक तय सीमा तक की राशि भी टैक्स के दायरे से बाहर होती है।
  • वहीं, साझेदारी फर्म (Partnership Firm) से मिलने वाला मुनाफा भी पार्टनर्स के हाथ में टैक्स-फ्री होता है क्योंकि फर्म उस पर पहले ही टैक्स चुका चुकी होती है।
Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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