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गायब हो गई गाड़ी? चोरी नहीं, पुलिस ने उठाई होगी! इन गलतियों के कारण Tow होता है आपका वाहन

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपने गाड़ी कहीं पार्क की और वह अपनी जगह नहीं मिली? दरअसल, शहरों में बढ़ते ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के कारण अक्सर ट्रैफिक पुलिस गलत जगह खड़ी गाड़ियों को टो कर उठा ले जाती है।

Traffic Police Tow Car

ट्रैफिक पुलिस गाड़ी क्यों ले जाती है (Photo: AI Generated)

Why Traffic Police Tow Cars: अक्सर वाहन चालक जल्दबाजी में गाड़ी को कहीं भी खड़ी कर देते हैं। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस गाड़ी उठा कर ले जा सकती है। ट्रैफिक पुलिस गाड़ी को क्यों उठा ले जाती है, इसके बाद आगे क्या होता है और गाड़ी वापस कैसे मिलती है, ये सभी जानकारियां आपको इस आर्टिकल में दे रहे हैं-

ट्रैफिक पुलिस गाड़ी क्यों उठा कर ले जाती है

नो-पार्किंग में खड़ी होने पर

अगर गाड़ी को स्पष्ट रूप से चिन्हित नो-पार्किंग जोन में खड़ा किया जाता है तो ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई कर सकती है। ऐसे स्थानों पर पार्किंग से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और अन्य चालकों को असुविधा होती है। इसलिए नियम तोड़ने पर गाड़ी टो कर ली जाती है।

सड़क जाम या ट्रैफिक में बाधा बनने पर

अगर आपकी गाड़ी सड़क के बीच, मोड़ पर या संकरी गली में इस तरह खड़ी है कि ट्रैफिक जाम लग रहा है तो उसे तुरंत हटाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है। ट्रैफिक सुचारु रखने के लिए पुलिस गाड़ी उठा लेती है।

गलत तरीके से पार्किंग

कई बार वाहन पार्किंग लाइन से बाहर, दो गाड़ियों के बीच गलत एंगल पर या फुटपाथ पर खड़ा कर दिया जाता है। इससे पैदल यात्रियों और अन्य वाहनों को परेशानी होती है। नियमों के उल्लंघन पर चालान के साथ वाहन टो किया जा सकता है।

एक्सपायर्ड रजिस्ट्रेशन/बिना नंबर प्लेट

अगर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन या फिटनेस समाप्त हो चुका है या नंबर प्लेट मानकों के अनुसार नहीं है, तो यह कानूनी उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस वाहन जब्त या टो कर सकती है। यह कार्रवाई सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जाती है।

गाड़ी कहां जाती है

इसके बाद गाड़ी टो कर यार्ड/पुलिस स्टेशन ले जाई जाती है जब ट्रैफिक पुलिस वाहन उठाती है तो उसे पास के ट्रैफिक पुलिस यार्ड या अधिकृत टोइंग यार्ड में सुरक्षित रखा जाता है। यह स्थान आमतौर पर उसी क्षेत्र के अंतर्गत होता है, जहां से वाहन उठाया गया है। गाड़ी को तब तक वहीं रखा जाता है, जब तक मालिक जुर्माना भरकर उसे छुड़ा नहीं लेता।

कटेगा चालान

अगर गाड़ी नो-पार्किंग या नियमों के विरुद्ध खड़ा पाया गया, तो संबंधित धाराओं के तहत चालान जारी किया जाता है। गाड़ी को क्रेन या टो ट्रक से उठाने के लिए अलग से शुल्क लिया जाता है। यह राशि वाहन के प्रकार (दो पहिया/चार पहिया) के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। अगर वाहन को कई दिनों तक यार्ड में रखा रहता है तो प्रतिदिन के हिसाब से अतिरिक्त स्टोरेज शुल्क लगाया जा सकता है। इसलिए गाड़ी जल्द से जल्द छुड़ाना बेहतर होता है।

गाड़ी कैसे मिलती है वापस

संबंधित ट्रैफिक पुलिस स्टेशन या टोइंग यार्ड जाएं

अक्सर वाहन उठाने के स्थान पर एक नोटिस या स्टिकर लगाया जाता है, जिसमें हेल्पलाइन नंबर या यार्ड की जानकारी दी होती है। आप संबंधित ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट या कंट्रोल रूम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

जरूरी दस्तावेज साथ ले जाएं

गाड़ी छुड़ाने के लिए RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट), वैध ड्राइविंग लाइसेंस और इंश्योरेंस दस्तावेज साथ ले जाना जरूरी है। कुछ मामलों में पहचान पत्र भी मांगा जा सकता है।

चालान और टोइंग चार्ज भरें

सभी निर्धारित जुर्माने और शुल्क का भुगतान करने के बाद ही वाहन छोड़ा जाता है। कई शहरों में यह भुगतान ऑनलाइन माध्यम से भी किया जा सकता है, जिससे प्रक्रिया आसान हो जाती है।

शिवानी कोटनाला
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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