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Electric Car की बैटरी कब बदलें, कैसे पहचानें खराबी और बढ़ाएं Battery Life

When to Replace Your EV Battery: इलेक्ट्रिक कार का सबसे महंगा और जरूरी हिस्सा उसकी बैटरी होती है। जैसे-जैसे आपकी कार पुरानी होती है, बैटरी की क्षमता (Range) कम होने लगती है। लेकिन बैटरी पूरी तरह खत्म होने से पहले कार आपको कई तरह के संकेत देती है।

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इलेक्ट्रिक कार की बैटरी कब बदलें (Photo: iStock)

When to Replace Your EV Battery: इलेक्ट्रिक कार (EV) का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसकी बैटरी होती है। यही बैटरी गाड़ी को चलाने की ऊर्जा देती है। लेकिन समय के साथ इसकी क्षमता कम होने लगती है। अगर आप भी ईवी का इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद काम की साबित होने वाली है। इस आर्टिकल में आपको आपकी ईवी की बैटरी से जुड़ी जरूरी जानकारियां दे रहे हैं-

बैटरी हेल्थ को समझें

आमतौर पर इलेक्ट्रिक कार की बैटरी 5 से 8 साल या लगभग 1.5 से 2 लाख किलोमीटर तक अच्छी तरह काम करती है। इसके बाद बैटरी की क्षमता (Battery Health) धीरे-धीरे घटने लगती है। हालांकि यह अवधि गाड़ी को इस्तेमाल करने के तरीके, चार्जिंग आदतों और मौसम पर भी निर्भर करती है।

बैटरी कमजोर होने के संकेत

ड्राइविंग रेंज कम होना

अगर आपकी कार पहले एक बार चार्ज में 300 किमी चलती थी और अब 200–220 किमी ही चल रही है तो यह बैटरी की क्षमता घटने का संकेत है।

चार्जिंग जल्दी खत्म होना

बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होने लगे या बार-बार चार्ज करना पड़े, तो यह भी एक बड़ा संकेत है कि बैटरी की क्षमता घट रही है।

चार्जिंग में ज्यादा समय लगना

अगर बैटरी पहले की तुलना में ज्यादा समय में चार्ज हो रही है, तो यह उसकी खराब होती स्थिति को दर्शाता है।

वार्निंग लाइट या नोटिफिकेशन

अधिकांश EVs में बैटरी से जुड़ी समस्या आने पर डैशबोर्ड पर वॉर्निंग लाइट या मैसेज दिखने लगता है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

परफॉर्मेंस में गिरावट

गाड़ी की स्पीड, पिकअप और ओवरऑल परफॉर्मेंस में कमी महसूस करने लगें तो यह भी बैटरी खराब होने का संकेत है।

बैटरी कब बदलनी चाहिए?

जब बैटरी की क्षमता 70% या उससे कम रह जाए तब ही इसे बदलने का सही समय माना जाता है। साथ ही, अगर आपकी कार की रेंज बहुत कम हो गई है या बार-बार समस्या आ रही है तो भी रिप्लेसमेंट पर विचार करना चाहिए।

बैटरी की लाइफ बढ़ाने के टिप्स

ओवरचार्जिंग से बचें

बैटरी को हमेशा 100% से ज्यादा चार्ज करने से बचें, इससे सेल्स पर दबाव नहीं पड़ेगा और बैटरी लंबे समय तक टिकेगी।

पूरी तरह डिस्चार्ज न करें

बैटरी को 0% तक खाली करने से सेल्स पर तनाव बढ़ता है, इसलिए समय-समय पर चार्ज करते रहें।

फास्ट चार्जिंग का कम इस्तेमाल

बार-बार फास्ट चार्जिंग करने से बैटरी गर्म होती है और लंबे समय में उसकी क्षमता घटती है।

उचित तापमान में रखें

बाइक या कार को अत्यधिक गर्म या बहुत ठंडे वातावरण में लंबे समय तक न रखें, यह बैटरी की परफॉर्मेंस और लाइफ को प्रभावित करता है।

नियमित मेंटेनेंस और निगरानी

बैटरी की हेल्थ, वोल्टेज और चार्जिंग स्टेटस समय-समय पर चेक करें, जिससे किसी समस्या को जल्दी पहचानकर सही समय पर सुधार किया जा सके।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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