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Cruise Control फीचर नहीं इसे कहिए कार का जादुई बटन, लंबी ट्रिप पर गाड़ी खुद संभालेगी रफ्तार

क्या आप भी लंबी दूरी की ड्राइविंग के दौरान पैरों की थकान से परेशान हो जाते हैं? अगर हां तो आपकी कार में मौजूद 'Cruise Control' फीचर आपके सफर को आसान बनाने में मददगार साबित हो सकता है। आजकल की लगभग हर आधुनिक कार में 'क्रूज कंट्रोल' एक स्टैंडर्ड फीचर बन चुका है, लेकिन बहुत से लोग आज भी इसके सही इस्तेमाल और फायदों से अनजान हैं।

What is Cruise Control in Cars

कार में Cruise Control फीचर क्या है, कैसे करता है काम (Photo: iStock)

आजकल ज्यादातर नई कारों में क्रूज कंट्रोल (Cruise Control) फीचर दिया जा रहा है, लेकिन कई ड्राइवर इसका सही इस्तेमाल नहीं जानते। यह एक ऐसी तकनीक है जो कार को तय गति (स्पीड) पर अपने-आप बनाए रखती है, जिससे लंबे सफर में ड्राइवर को बार-बार एक्सीलेरेटर दबाने की जरूरत नहीं पड़ती। खासतौर पर हाईवे ड्राइविंग में गाड़ी का यह फीचर बेहद काम का साबित होता है।

क्रूज कंट्रोल कैसे काम करता है

जब आप किसी निश्चित स्पीड (जैसे 80 या 100 किमी/घंटा) पर पहुंच जाते हैं तो स्टीयरिंग पर दिए गए Cruise बटन को ऑन कर Set दबा सकते हैं। इसके बाद कार उसी स्पीड पर खुद चलती रहती है। जैसे ही आप ब्रेक दबाते हैं या क्लच का इस्तेमाल करते हैं, वैसे ही यह फीचर तुरंत बंद हो जाता है।

फीचर को लेकर ध्यान रखने वाली बातें

खुले और कम ट्रैफिक वाले हाईवे पर ही इस्तेमाल

क्रूज कंट्रोल का सही फायदा तभी मिलता है जब सड़क लंबी, सीधी और ट्रैफिक कम हो। ऐसे माहौल में कार एक समान गति से चलती रहती है और बार-बार ब्रेक या एक्सीलेरेशन की जरूरत नहीं पड़ती।

शहर, भीड़, बारिश या पहाड़ी रास्तों न करें इस्तेमाल

शहरी सड़कों पर ट्रैफिक लगातार बदलता रहता है, जहां बार-बार स्पीड कम-ज्यादा करनी पड़ती है। बारिश, धुंध या फिसलन में वाहन पर तुरंत नियंत्रण जरूरी होता है, इसलिए क्रूज कंट्रोल जोखिम बढ़ा सकता है।

अचानक मोड़ या स्पीड ब्रेकर से पहले करें फीचर बंद

अगर आगे तीखा मोड़, स्पीड ब्रेकर या निर्माण कार्य दिखाई दे तो पहले ही क्रूज कंट्रोल डिसएंगेज कर दें। इससे आप समय रहते ब्रेक और स्पीड पर पूरा नियंत्रण पा सकते हैं।

क्रूज कंट्रोल फीचर के फायदे

बेहतर होगी माइलेज

लगातार समान स्पीड बनाए रखने से ईंधन की खपत संतुलित रहती है, जिससे माइलेज बेहतर हो सकता है। बार-बार एक्सीलेरेटर दबाने और छोड़ने से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जबकि क्रूज कंट्रोल इस उतार-चढ़ाव को कम करता है।

ड्राइविंग में कम थकान

लंबी दूरी की ड्राइव में पैर को लगातार एक्सीलेरेटर पर रखने की जरूरत नहीं होती, जिससे ड्राइवर कम थकता है। फीचर के साथ पैरों और टखनों पर दबाव घटता है और शरीर अधिक रिलैक्स रहता है। कम थकान होने से ड्राइवर की एकाग्रता भी लंबे समय तक बनी रहती है।

स्पीड लिमिट में रहने में मदद

कई बार अनजाने में स्पीड बढ़ जाती है, खासकर खाली हाईवे पर। क्रूज़ कंट्रोल तय सीमा में रखने में मदद करता है, जिससे ओवरस्पीडिंग के चालान से बचाव हो सकता है। यह फीचर स्पीड को लॉक कर देता है, जिससे ड्राइवर को बार-बार स्पीडोमीटर देखने की जरूरत कम पड़ती है।

एडैप्टिव क्रूज कंट्रोल की सुविधा

कुछ मॉडर्न कारों में यह एडवांस फीचर होता है, जो आगे चल रही गाड़ी से दूरी बनाए रखते हुए खुद स्पीड कम-ज्यादा कर लेता है। इसमें सेंसर और रडार सिस्टम लगे होते हैं जो ट्रैफिक की गति को पहचानते हैं। इससे अचानक ब्रेक लगाने की जरूरत कम होती है और ड्राइविंग ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनती है।

शिवानी कोटनाला
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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