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गाड़ी बेच दी पर RC ट्रांसफर नहीं की? सावधान! नए मालिक की गलती न पहुंचा दे आपको जेल

अगर आपने अपनी गाड़ी बेच दी है लेकिन उसका RC (Registration Certificate) ट्रांसफर नहीं करवाया तो यह बड़ी कानूनी और वित्तीय समस्या बन सकती है। भारत में वाहन रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड Ministry of Road Transport and Highways के तहत मेंटेन किया जाता है और जब तक RC आधिकारिक रूप से नए मालिक के नाम पर ट्रांसफर नहीं होती तब तक वाहन से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां पुराने मालिक की ही मानी जाती हैं।

Transfer RC

Transfer RC (Photo: AI Generated)

गाड़ी बेचना जितना आसान लगता है, उससे जुड़ी कानूनी प्रक्रियाएं उतनी ही महत्वपूर्ण होती हैं। अक्सर लोग गाड़ी बेचने के बाद यह मान लेते हैं कि पैसे मिलने के साथ ही उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गई। लेकिन अगर आपने गाड़ी बेचने के बाद RC (Registration Certificate) का ट्रांसफर नहीं कराया तो आगे चलकर एक बड़ी आफत आपके सिर आ सकती है।

गाड़ी का असली मालिक कौन

भारत में हर वाहन की जानकारी Ministry of Road Transport and Highways के तहत पंजीकृत रहती है। RC में दर्ज मालिक का नाम ही कानूनी रूप से गाड़ी का असली मालिक माना जाता है। ऐसे में अगर आपने गाड़ी बेच दी, लेकिन RC अभी भी आपके नाम पर है तो किसी भी दुर्घटना, अपराध या ट्रैफिक नियम उल्लंघन की स्थिति में जिम्मेदार आप ही माने जाएंगे।

कानूनी नोटिस आपके पते पर

उदाहरण के लिए मान लीजिए नए खरीदार ने गाड़ी से ट्रैफिक नियम तोड़ा या किसी हादसे में शामिल हो गया। ऐसे में चालान या कानूनी नोटिस आपके पते पर आएगा, क्योंकि सरकारी रिकॉर्ड में गाड़ी अब भी आपके नाम दर्ज है। कई मामलों में बीमा क्लेम भी अटक सकता है, क्योंकि इंश्योरेंस कंपनी RC में दर्ज नाम के आधार पर ही कार्रवाई करती है।

कहीं न हो जाए पैसों का नुकसान

गाड़ी बेचने के बाद RC ट्रांसफर की प्रक्रिया को नजरअंदाज करना आर्थिक नुकसान का कारण भी बन सकता है। अगर गाड़ी से जुड़ा कोई बड़ा जुर्माना या कोर्ट केस होता है, तो आपको समय और पैसा दोनों खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके अलावा, भविष्य में किसी नई गाड़ी की खरीद-बिक्री या लोन प्रक्रिया में भी दिक्कत आ सकती है।

RTO में ट्रांसफर प्रक्रिया करें शुरू

इस समस्या से बचने के लिए जरूरी है कि वाहन बेचते समय सही दस्तावेज तैयार करें और तुरंत RTO में ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू कर दें। आरसी ट्रांसफर की प्रक्रिया Parivahan Sewa की ऑफिशियल वेबसाइट (https://parivahan.gov.in/) के माध्यम से ऑनलाइन भी की जा सकती है। फॉर्म 29 और फॉर्म 30 जमा करना अनिवार्य होता है, साथ ही खरीदार और विक्रेता दोनों के हस्ताक्षर जरूरी हैं।

गाड़ी की कानूनी जिम्मेदारी आपके कंधों पर

याद रखें कि केवल सेल एग्रीमेंट या पैसे का लेन-देन काफी नहीं है। जब तक RC आधिकारिक रूप से ट्रांसफर नहीं होती, तब तक गाड़ी की कानूनी जिम्मेदारी आपके कंधों पर ही रहती है। इसलिए गाड़ी बेचते ही RC ट्रांसफर जरूर कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।

शिवानी कोटनाला
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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