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शहरों में अब नहीं बिक रहे वाहन, ग्रमीण इलाकों से फल-फूल रही ऑटो इंडस्ट्री

Vehicle Sales In Rural India: आम तौर पर माना जाता है कि मोटरसाइकिलों और ट्रैक्टरों को छोड़कर दूसरे वाहनों की बिक्री में शहरी क्षेत्र का ज्यादा योगदान होता है। लेकिन, अब परिदृश्य बदल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, गत 30 सितंबर को समाप्त छमाही में शहरी क्षेत्र में हर श्रेणी के वाहनों की बिक्री घटी है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिक्री बढ़ी है।

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वित्त वर्ष के पहले छह महीने में देश में वाहनों की कुल खुदरा बिक्री 1,19,15,963 इकाई पर रही।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
शहरी इलाकों से ज्यादा गांव में बिक्री
रूरल इंडिया संभाल रहा ऑटो इंडस्ट्री
अप्रैल से सितंबर के बीच 6.55% वृद्धि

Vehicle Sales In Rural India: चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीने में (अप्रैल-सितंबर 2024) देश में वाहनों की खुदरा बिक्री में 6.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आम तौर पर माना जाता है कि मोटरसाइकिलों और ट्रैक्टरों को छोड़कर दूसरे वाहनों की बिक्री में शहरी क्षेत्र का ज्यादा योगदान होता है। लेकिन, अब परिदृश्य बदल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, गत 30 सितंबर को समाप्त छमाही में शहरी क्षेत्र में हर श्रेणी के वाहनों की बिक्री घटी है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिक्री बढ़ी है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष के पहले छह महीने में देश में वाहनों की कुल खुदरा बिक्री 1,19,15,963 इकाई पर रही।

ग्रामीण इलाकों में बिक्री बढ़ी

यह पिछले वित्त वर्ष की समान छमाही की 1,11,83,734 इकाई की तुलना में 6.55 प्रतिशत अधिक है। फाडा ने बताया कि पहली छमाही में ओवरऑल बिक्री शहरी क्षेत्र में 2.25 प्रतिशत घट गई। जबकि, ग्रामीण क्षेत्रों में इसमें 1.93 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी। इस अवधि में शहरी क्षेत्र में दोपहिया वाहनों की बिक्री में 1.19 प्रतिशत, तिपहिया वाहनों में 7.27 प्रतिशत, वाणिज्यिक वाहनों में 1.20 प्रतिशत और यात्री वाहनों में 2.73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ट्रैक्टरों की बिक्री भी 11.67 प्रतिशत कम रही। ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो दुपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 0.90 प्रतिशत, तिपहिया वाहनों की 7.38 प्रतिशत और यात्री वाहनों (कार, एसयूवी तथा वैन) की बिक्री 4.86 प्रतिशत बढ़ी है।

कमर्शियल वाहन भी खूब बिके

वहीं, वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 1.24 फीसदी और ट्रैक्टरों में 2.92 फीसदी की तेजी रही। फाडा के अध्यक्ष सीएस. विग्नेश्वर ने सितंबर के खुदरा बिक्री के आंकड़े जारी करते हुए कहा कि इस साल दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान सामान्य से आठ प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है जो चार साल में सबसे ज्यादा है। इससे खरीफ फसलों का रकबा पिछले मौसम की तुलना में 1.5 प्रतिशत अधिक हो गया है। इसका ग्रामीण मांग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि गणेश चतुर्थी और ओणम जैसे पर्व भी मांग बढ़ाने में प्रभावी नहीं हुए।

Anshuman. Sakalley
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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