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2023 में गाड़ियों की हुई रिकॉर्डतोड़ बिक्री, जानें अब किस प्लानिंग में भारतीय मार्केट

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Dec 24, 2023, 09:17 PM IST

कोविड महामारी से उबरने के बाद भारतीय वाहन मार्केट में साल 2023 रिकॉर्डतोड़ बिक्री के साथ खत्म हो रहा है। अब भारत में 2024 के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं और अगला साल भी ऐसा ही गुजरने का अनुमान है।

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वाहन बिक्री की रफ्तार बनाए रखने के लिए छोटी कारों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

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KEY HIGHLIGHTS
  • 2023 में वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री
  • 2024 की तैयारियां भारत में शुरू
  • एसयूवी की डिमांड में बड़ी बढ़त

Record Vehicle Sales In 2023: वर्ष 2023 में रिकॉर्डतोड़ बिक्री दर्ज करने वाला घरेलू वाहन उद्योग आने वाले साल में बिक्री वृद्धि नरम पड़ने की संभावना के बावजूद इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में जोर-शोर से लगा हुआ है। अगले कुछ दिनों में खत्म होने वाले वर्ष 2023 में यात्री वाहनों की बिक्री के 40 लाख इकाई का आंकड़ा पार कर जाने की उम्मीद है। लेकिन नए साल की शुरुआत में ही वाहन विनिर्माताओं ने अपनी गाड़ियों के दाम बढ़ाने की घोषणा कर रखी है। इसका असर वाहनों की बिक्री वृद्धि पर पड़ सकता है।

वाहनों की रिकॉर्डतोड़ बिक्री

देश की सबसे बड़ी वाहन विनिर्माता मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कहा कि गुजरते साल की तुलना में अगले साल बिक्री नरम पड़ने की संभावना है। ऐसे में वाहन बिक्री की रफ्तार बनाए रखने के लिए छोटी कारों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। छोटी कारों की कुल वाहन बिक्री में हिस्सेदारी इस साल अप्रैल-अक्टूबर के दौरान करीब चार प्रतिशत रही जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में यह अनुपात करीब 14 प्रतिशत था। भार्गव ने कहा, "जहां तक मारुति सुजुकी का सवाल है तो हमें उद्योग जगत से अधिक वृद्धि करने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री में भी सकारात्मक तेजी रहेगी।"

सियाम ने कही ये बात

वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा कि अगले साल वाहन उद्योग के लिए बिक्री परिदृश्य सकारात्मक ही बने रहने की उम्मीद है। इसका श्रेय चौतरफा आर्थिक वृद्धि को दिया जा सकता है। उन्होंने अगले साल ईवी खंड के मजबूती हासिल करने की उम्मीद जताते हुए कहा कि कुल वाहन बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी बढ़नी जारी रहेगी।

फेम 2 का फायदा

इसके साथ ही उन्होंने हाइब्रिड एवं इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन के लिए लाई गई फेम योजना के अगले चरण के भी 2024 में लाने की उम्मीद जताई। फेम-2 योजना की अवधि अगले साल पूरी हो रही है। वाहन वितरकों के संगठन फाडा के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने कहा कि यात्री वाहनों की बिक्री अगले साल निचले एकल अंक में रहने की उम्मीद है जबकि दोपहिया वाहनों के मामले में यह ऊपरी एकल अंक में रह सकती है।

एसयूवी की बंपर बिक्री

वाहन कलपुर्जा उत्पादकों के संगठन एक्मा के महानिदेशक विनी मेहता ने कहा कि भारत-एनकैप आने से सुरक्षा पर जोर बढ़ेगा और ईवी की तरफ ध्यान रहने से वाहन कलपुर्जा क्षेत्र को भी अपने उत्पादन में बदलाव करने होंगे। वर्ष 2023 स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों (एसयूवी) के प्रति बढ़ती लोकप्रियता का साल रहा है और अगले साल भी यह सिलसिला बने रहने की संभावना है।

ह्यून्दे मोटर्स का बयान

हुंदै मोटर इंडिया के मुख्य परिचालन अधिकारी तरुण गर्ग ने कहा, "इस साल एसयूवी की बाजार हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत रहने का अनुमान है और हुंदै के मामले में यह अनुपात 60 प्रतिशत है। वर्ष 2024 में उद्योग की एसयूवी हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक और कंपनी के लिए 60 प्रतिशत से आगे जाने की उम्मीद है।"

क्या बोली टाटा मोटर्स

टाटा मोटर्स पैसेंजर वेहिकल्स के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा ने कहा कि कंपनी परंपरागत इंजनों पर आधारित वाहनों के अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों में भी नए उत्पादों को पेश करेगी। इसमें साणंद कारखाने की पूरी क्षमता का इस्तेमाल किया जाएगा।

खूब बिके इलेक्ट्रिक वाहन

इस साल लग्जरी वाहन खंड में भी बिक्री काफी अच्छी रही है और अब इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की भी मांग बढ़ रही है। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी संतोष अय्यर ने कहा कि उद्योग जगत के सामान्य अनुमानों के अनुरूप कंपनी के लिए भी यह सबसे अच्छा साल रहने की संभावना है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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