पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को लेकर हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से ईंधन बचाने की अपील की है। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्प अपनाने की बात कही। सरकार का मानना है कि ईंधन की बचत से देश पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम किया जा सकता है। ऐसे में कार की माइलेज को बेहतर बनाने के लिए कुछ ड्राइविंग टिप्स को आप भी फॉलो कर सकते हैं। अच्छी बात ये है कि माइलेज बढ़ाने के लिए आपको किसी बड़े खर्च की जरूरत नहीं होती, बल्कि सिर्फ ड्राइविंग स्टाइल में थोड़े बदलाव से ही फर्क महसूस किया जा सकता है।

PM Modi fuel conservation appeal 2026 (Photo: iStock)
स्मूद ड्राइविंग
माइलेज को लेकर सबसे जरूरी स्मूद ड्राइविंग है। अचानक तेज एक्सीलरेशन और बार-बार ब्रेक लगाने से इंजन पर दबाव बढ़ता है और ज्यादा ईंधन खर्च होता है। अगर चालक धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाए और ट्रैफिक को पहले से देखकर गाड़ी चलाए तो माइलेज बेहतर हो सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, तेज और लापरवाही भरी ड्राइविंग से फ्यूल की खपत काफी बढ़ जाती है।
एक समान स्पीड
कार चलाते समय लगातार एक समान स्पीड बनाए रखना भी फायदेमंद माना जाता है। हाईवे पर बार-बार स्पीड बढ़ाने और घटाने से इंजन ज्यादा ईंधन खपत करता है। इसलिए जहां संभव हो, स्थिर गति में ड्राइव करना बेहतर विकल्प माना जाता है।
कार को स्टार्ट कर छोड़ना
लंबे समय तक कार को स्टार्ट छोड़ना भी फ्यूल वेस्ट करने की बड़ी वजह है। कई लोग सिग्नल या पार्किंग में गाड़ी चालू रखते हैं, जिससे बिना चले भी पेट्रोल या डीजल खर्च होता रहता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर रुकने का समय ज्यादा हो, तो इंजन बंद कर देना चाहिए।
गाड़ी की मेंटेनेंस
वाहन की सही मेंटेनेंस भी माइलेज बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। कम हवा वाले टायर, गंदे एयर फिल्टर और खराब इंजन ऑयल की वजह से कार ज्यादा ईंधन खर्च कर सकती है। नियमित सर्विस और सही टायर प्रेशर बनाए रखने से इंजन बेहतर तरीके से काम करता है और माइलेज सुधारने में मदद मिलती है।
जरूरत से ज्यादा सामान
कार में जरूरत से ज्यादा सामान रखना भी माइलेज कम कर सकता है। एक्स्ट्रा वजन इंजन पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे फ्यूल की खपत बढ़ जाती है। यही कारण है कि वाहन में केवल जरूरी सामान रखने की सलाह दी जाती है।
यात्रा की प्लानिंग
इसके अलावा यात्रा की सही प्लानिंग भी काफी मददगार साबित हो सकती है। अगर छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार गाड़ी निकालने के बजाय एक ही ट्रिप में कई काम निपटा लिए जाएं, तो ईंधन की बचत हो सकती है। ट्रैफिक वाले समय से बचकर यात्रा करने से भी फ्यूल खर्च कम होता है।
सरकार की ओर से भी लोगों को मेट्रो, बस और कारपूलिंग जैसे विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात भी कही जा रही है, ताकि पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम हो सके।
