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FADA:पैंसेजर व्हीकल की बिक्री गिरी, गर्मी और मानसून में देरी ने बिगाड़ा सेंटीमेंट

FADA: भारी डिस्काउंट के बावजूद भीषण गर्मी के कारण ग्राहकों की संख्या में 15 प्रतिशत गिरावट आई और मानसून में देरी के कारण बाजार का सेंटीमेंट सुस्त बना हुआ है।

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वाहनों की बिक्री गिरी

FADA:भारत में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में जून में सालाना आधार पर सात प्रतिशत की गिरावट आई। भीषण गर्मी के कारण शोरूम में आने वाले लोगों की संख्या में 15 प्रतिशत गिरावट आई है, जिसका असर बिक्री पर पड़ा है। जिसकी वजह से कुल यात्री वाहन पंजीकरण जून में गिरकर 2,81,566 इकाई आ गया। जबकि जून 2023 में यह 3,02,000 इकाई था।

इन वजहों से गिरावट

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने कहा कि मांग को प्रोत्साहित करने के मकसद से बेहतर उत्पाद उपलब्धता तथा पर्याप्त छूट के बावजूद भीषण गर्मी के कारण ग्राहकों की संख्या में 15 प्रतिशत गिरावट आई और मानसून में देरी के कारण बाजार का सेंटीमेंट सुस्त बना हुआ है।उन्होंने कहा कि डीलरों के अनुसार ग्राहकों के वाहनों के बारे में कम जानकारी हासिल करने और खरीद निर्णय में देरी जैसी चुनौतियों का उन्होंने सामना किया।

दोपहिया से लेकर दूसरे वाहनों का हाल

जून में दोपहिया वाहनों का पंजीकरण सालाना आधार पर पांच प्रतिशत बढ़कर 13,75,889 इकाई हो गया।सिंघानिया ने कहा कि मानसून में देरी और चुनाव से संबंधित बाजार मंदी ने विशेष रूप से ग्रामीण बिक्री को प्रभावित किया, जो मई में 59.8 प्रतिशत से गिरकर जून में 58.6 प्रतिशत पर आ गई।

वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री पिछले महीने पांच प्रतिशत घटकर 72,747 इकाई रह गई, जो जून 2023 में 76,364 इकाई थी। जून में ट्रैक्टर की बिक्री सालाना आधार पर 28 प्रतिशत घटकर 71,029 इकाई हो गई।तिपहिया वाहनों का पंजीकरण जून में पांच प्रतिशत बढ़कर 94,321 इकाई हो गया, जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह 89,743 इकाई था।कुल खुदरा बिक्री जून में सालाना आधार पर मामूली बढ़कर 18,95,552 इकाई हो गई। सिंघानिया ने कहा कि त्योहारी सीजन में अभी कुछ समय बाकी है, इसलिए यात्री वाहन मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के लिए सावधानी बरतना अहम है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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