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Ola Electric को लगातार हो रहा नुकसान, 500 कर्मचारियों की छंटनी करेगी कंपनी

Ola Loss And Layoff: रिपोर्ट्स के अनुसार, भाविश अग्रवाल की अगुआई वाली इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कंपनी अपने कर्मचारियों की संख्या को कम कर "लाभप्रदता को बढ़ाकर" अपनी परिचालन दक्षता को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कंपनी की पुनर्गठन की यह कवायद कई विभागों के कर्मचारियों को प्रभावित करेगी।

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कंपनी की पुनर्गठन की यह कवायद कई विभागों के कर्मचारियों को प्रभावित करेगी।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • ओला इलेक्ट्रिक का मुनाफा घटा
  • 500 कमर्चारियों का Layoff
  • कई विभागों में होगी बड़ी छंटनी

Ola Loss And Layoff: सरकारी जांच और बढ़ते घाटे के बीच विवादों में घिरी ओला इलेक्ट्रिक कंपनी पुनर्गठन की कोशिशों तहत कम से कम 500 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भाविश अग्रवाल की अगुआई वाली इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कंपनी अपने कर्मचारियों की संख्या को कम कर "लाभप्रदता को बढ़ाकर" अपनी परिचालन दक्षता को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कंपनी की पुनर्गठन की यह कवायद कई विभागों के कर्मचारियों को प्रभावित करेगी।

कर्मचारियों की छंटनी

सूत्रों का हवाला देते हुए इंक42 (आईएनसी42) की रिपोर्ट के अनुसार, "कंपनी का उद्देश्य लाभप्रदता बढ़ाने और मार्जिन में सुधार के लिए खर्चों में कटौती करना है। हालांकि, कर्मचारियों की छंटनी को लेकर कोई समय अवधि निर्धारित नहीं है।" ओला इलेक्ट्रिक की ओर से इस छंटनी पर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है। न ही मामले पर कोई टिप्पणी की गई है। ओला इलेक्ट्रिक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर अवधि में 43 प्रतिशत वृद्धि के साथ 495 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जो पिछली तिमाही में 347 करोड़ रुपये था।

26.1 प्रतिशत घटा प्रॉफिट

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी का राजस्व भी इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1,644 करोड़ रुपये से 26.1 प्रतिशत घटकर दूसरी तिमाही में 1,214 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, शुद्ध घाटा प‍िछले साल की तुलना में कम हुआ है। अग्रवाल ने पोस्ट-क्वाटर्ली अर्निंग कॉल में कहा कि कंपनी के परिचालन व्यय में तिमाही आधार पर कमी आई है और कंपनी लागत दक्षता पर ध्यान केंद्रित करेगी। अग्रवाल ने कहा, "जैसे-जैसे हम वितरण का विस्तार करते रहेंगे, राजस्व बढ़ता रहेगा जबकि परिचालन व्यय अगली कुछ तिमाहियों में स्थिर रहने या घटने की संभावना है।"

निवेशकों के 38,000 करोड़ डूबे

कंपनी ने दूसरी तिमाही में अपनी बाजार हिस्सेदारी भी 33 प्रतिशत तक गिरते हुए देखी, जो पिछली तिमाही में 49 प्रतिशत थी। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सेवा नेटवर्क चुनौतियों ने ओला इलेक्ट्रिक के बाजार प्रभुत्व को प्रभावित किया है। ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में गिरावट जारी है, महज कुछ महीनों में कंपनी के शेयर में निवेशकों का 38,000 करोड़ रुपये से अधिक का पैसा डूब गया है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 67 रुपये प्रति शेयर के आसपास था, जो इसके बाजार में उतरने के समय 76 रुपये के भाव से काफी कम था और 157.40 रुपये के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से 56 प्रतिशत से अधिक नीचे था।

Anshuman. Sakalley
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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