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आपके पास बचे हैं सिर्फ 5 साल, या तो खूब चला कर लें मौज, या बेच दें डीजल कार!

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated May 9, 2023, 04:04 PM IST

ऑयल मिनिस्ट्री को एक पैनल ने सिफारिश भेजकर देश में 2027 तक चार पहिया डीजल वाहन बंद करने को कहा है। भारतीय सड़कों पर कुल वाहनों का 40 फीसदी हिस्सा डीजल वाहन हैं। जानें क्या है इसकी असली वजह।

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डीजल से चलने वाले 4 पहिया वाहनों के बदले 2027 तक इलेक्ट्रिक और गैस से चलने वाले वाहनों की ओर बढ़ना चाहिए।

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • 2027 तक बंद हो जाएंगे डीजल वाहन
  • ऑयल मंत्रालय के पैनल की सिफारिश
  • 2024 तक ट्रांसपोर्ट होगा डीजल मुक्त

Deisel Four Wheelers Ban From 2027: भारत सरकार के पास एक सिफारिश भेजी गई है जिसपर अमल किया गया तो 2027 तक भारत में चार-पहिया डीजल वाहन बिकना बंद हो जाएंगे। ऑयल मिनिस्ट्री के एक पैनल ने केंद्र सरकार से ये सिफारिश की है जिसमें कहा गया है कि डीजल से चलने वाले 4 पहिया वाहनों के बदले 2027 तक इलेक्ट्रिक और गैस से चलने वाले वाहनों की ओर बढ़ना चाहिए। ऑयल मिनिस्ट्री ने इस सिफारिश में फिलहाल उन शहरों को प्राथमिक तौर पर शामिल किया है जहां की जनसंख्या 90 लाख से ज्यादा है। इससे इन शहरों में प्रदूषण पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।

2024 से डीजल ट्रांसपोर्ट होगा बंद!

तेल मंत्रालय की वेबसाइट पर पैनल ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि 2024 से शहरी ट्रांसपोर्ट के लिए कोई भी डीजल बस जोड़ी नहीं जाएगी। 2030 तक ऐसी किसी बस को सिटी ट्रांसपोर्ट में शामिल नहीं किया जाएगा जो इलेक्ट्रिक नहीं होगी। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्ट्री ने एनर्जी ट्रांजिशन एडवाइजरी कमेटी बनाई है जिसकी अध्यक्षता पूर्व ऑयल सेक्रेटरी तरुण कपूर कर रहे हैं। अब तक ये साफ नहीं हो पाया है कि इन सिफारिशों को अप्रूव करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय केबिनेट की अनुमति लेगा या नहीं।

कुल वाहनों में डीजल 40 फीसदी

भारतीय वाहन की संख्या में 40 फीसदी आंकड़ा डीजल वाहनों का है, हालांकि इस 40 फीसदी में से 80 प्रतिशत ट्रांसपोर्ट सेक्टर में इस्तेमाल किए जाते हैं। इस पैनल ने कहा है कि सरकार को 90 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में डीजल वाहनों को बंद करने पर गंभीरता से विचार करना होगा। इसके अलावा पैनल ने भी सुझाव दिया है कि भारत सरकार को इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना जारी रखना चाहिए और इसके लिए फेम-2 स्कीम काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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