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सरकार के नए CAFE-3 नियमों से Maruti को बड़ा फायदा, छोटी कारों की राह हुई आसान

भारत सरकार ने कार कंपनियों के लिए CAFE 3 के नए नियमों को फाइनल कर दिया है। नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होने जा रहे हैं।

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सरकार के नए कार नॉर्म्स में छोटी कारों को मिली राहत (Photo: iStock)

भारत सरकार ने कार कंपनियों के लिए CAFE 3 (Corporate Average Fuel Efficiency) के नए नियमों को अंतिम रूप दे दिया है। नए नियम 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2032 तक लागू रहेंगे। इन नियमों में छोटी कारों को पहले के मुकाबले ज्यादा उत्सर्जन की छूट दी गई है। इससे खासतौर पर Maruti Suzuki जैसी कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से छोटी कारों के लिए नियमों में राहत की मांग कर रही थीं।

क्या है CAFE नियमों का उद्देश्य

CAFE नियमों का उद्देश्य किसी कंपनी की पूरी कारों की रेंज के औसत कार्बन उत्सर्जन को कम करना है। सरकार ने CAFE 3 के अंतिम नियमों में कुल लक्ष्य को कुछ आसान किया है और हल्की कारों के लिए ज्यादा राहत का प्रावधान किया है। सितंबर 2025 के ड्राफ्ट में 909 किलोग्राम से कम वजन वाली कारों के लिए अलग से 3 ग्राम की छूट प्रस्तावित थी। हालांकि, अंतिम नियमों में इस विशेष प्रावधान को हटा दिया गया है। इसके बजाय हल्की कारों के लिए पूरे उत्सर्जन लक्ष्य को ही आसान बनाया गया है।

Maruti Suzuki को होगा फायदा

इस बदलाव को Maruti Suzuki के लिए अहम माना जा रहा है। कंपनी का तर्क था कि छोटी और हल्की कारों में उत्सर्जन घटाने की गुंजाइश पहले से ही सीमित होती है। वहीं, Tata Motors Passenger Vehicles ने वजन के आधार पर छोटी कारों को अलग राहत देने का विरोध किया था और इसे वाहन सुरक्षा से जोड़कर देखा था।

नए नियम ऐसे समय आए हैं जब भारत में छोटी कारों की बिक्री में तेजी देखने को मिल रही है। अप्रैल से अगस्त की अवधि में Alto और S-Presso जैसी मिनी कारों की बिक्री करीब दोगुनी होकर 65,190 यूनिट हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 33,197 यूनिट था।

कंपनियों के लिए क्रेडिट सिस्टम भी लागू

CAFE 3 में कंपनियों के लिए क्रेडिट सिस्टम भी लागू किया गया है। कंपनियों को एक पासबुक में अपने अनुपालन का रिकॉर्ड रखना होगा। लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन करने पर क्रेडिट मिलेगा, जबकि लक्ष्य पूरा नहीं करने पर डेबिट दर्ज होगा। मूल्यांकन के समय सकारात्मक क्रेडिट बैलेंस जरूरी होगा। कंपनियों को जरूरत पड़ने पर नियामक से सीधे क्रेडिट खरीदने का विकल्प भी मिलेगा। नियमों के तहत क्रेडिट ट्रेडिंग और खरीद का प्रोसेस हर साल 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच किया जाएगा। कीमत की बात करें तो FY28 में इसकी कीमत 2,500 रुपये प्रति ग्राम CO2 प्रति किलोमीटर होगी। हालांकि, FY32 में यह कीमत बढ़कर 4,500 रुपये प्रति ग्राम CO2 प्रति किलोमीटर हो जाएगी।

एक इलेक्ट्रिक कार तीन गाड़ियों के बराबर

इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 3 का सुपरक्रेडिट बरकरार रखा गया है। यानी अनुपालन की गणना में एक इलेक्ट्रिक कार को तीन वाहनों के बराबर माना जाएगा। PHEV/Strong Hybrid Flex Fuel के लिए सुपरक्रेडिट 2.5 वहीं, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड के लिए सुपरक्रेडिट 2 से घटाकर 1.6 और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए 1.5 से घटाकर 1.1 किया गया है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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