Delhi No PUC No Fuel rule 2026: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम को स्थायी रूप से लागू कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य उन वाहनों पर सख्ती करना है, जो तय उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करते। राजधानी दिल्ली पहले से ही खराब वायु गुणवत्ता से जूझ रही है, खासकर सर्दियों के दौरान, हवा जहरीली हो जाती है, जिसका एक बड़ा कारण वाहन प्रदूषण होता है। ऐसे में यह नया नियम प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल और सीएनजी
इस नियम के तहत अब अगर आपके पास गाड़ी का वैलिड Pollution Under Control (PUC) सर्टिफिकेट नहीं है, तो आपको पेट्रोल -डीजल या सीएनजी नहीं मिल पाएगा। शहर के सभी पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया गया है कि वे ईंधन देने से पहले वाहन के PUC स्टेटस को डिजिटल तरीके से जांचें। अगर सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है या मौजूद नहीं है, तो ईंधन देने से मना किया जा सकता है, जब तक कि इसे रिन्यू न करा लिया जाए।
यह पूरी व्यवस्था तकनीक आधारित है, जिससे इसकी निगरानी और प्रभावी हो गई है। पेट्रोल पंप अब केंद्रीकृत डेटाबेस से जुड़े हैं, जहां से वे रियल टाइम में PUC की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे मैनुअल जांच की जरूरत कम हो जाती है और नियम का पालन हर जगह समान रूप से सुनिश्चित होता है।
सभी वाहनों पर लागू होगा नियम

No PUC No Fuel (Photo: iStock)
यह नियम दिल्ली में चलने वाले सभी इंटरनल कंबशन इंजन वाहनों पर लागू होगा। इसमें निजी कारें, दोपहिया वाहन और व्यावसायिक वाहन सभी शामिल हैं। खासतौर पर पुराने वाहन, जिनमें प्रदूषण अधिक होता है, इस नियम से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में वाहन मालिकों को पुराने वाहनों के सही रखरखाव पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होगी।
वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि पेट्रोल-डीजल मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए PUC सर्टिफिकेट की वैलिडिटी समय-समय पर जांचते रहें और एक्सपायर होने से पहले ही उसे रिन्यू करवा लें। इसके अलावा, सर्टिफिकेट की डिजिटल या फिजिकल कॉपी अपने पास रखना भी फायदेमंद हो सकता है।
