EV Charging Stations: देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज बढ़ रहा है। फ्यूल की झंझट से मुक्ति और किफायती सफर को अपनाने की दिशा में लोग दिलचस्पी दिखा रहे हैं। लिहाजा, सरकार भी इस क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को बढ़ा रही हैं। यही कारण है कि स्टेट, नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्जिंग मुहैया कराने के लिए व्यापक पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पब्लिक चार्जिंग स्टेशन (पीसीएस) स्थापित किए जा रहे हैं। एक दावे के मुताबिक, अबतक 1,46,342 किलोमीटर की लंबाई में कुल 4,557 EV चार्जिंग स्टेशन (PCS) स्थापित किए गए हैं। केंद्र की मानें तो दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े एक्सप्रेसवे पर अलग से डेडिकेटेड ई-लेन रोड बनाई जाएगी, जिसमें पेंटोग्राफ (Pantograph) लगाए जाएंगे, जिनके जरिए सीधे ट्रकों को इलेक्ट्रिक सप्लाई होगी।
किस राज्य में कितने ईवी चार्जिंग स्टेशन?
बुधवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 507 पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं, जिसके बाद कर्नाटक में 489, महाराष्ट्र में 459, तमिलनाडु में 456 और राजस्थान में 424 पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं। ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, देश में राज्य/राष्ट्रीय राजमार्गों/एक्सप्रेसवे पर कुल 4,557 ईवी पब्लिक चार्जिंग स्टेशन (पीसीएस) स्थापित किए गए हैं।
| राज्य का नाम | ईवी स्टेशनों की संख्या |
| उत्तर प्रदेश | 507 |
| कर्नाटक | 489 |
| महाराष्ट्र | 459 |
| तमिलनाडु | 456 |
| राजस्थान | 424 |
क्या है प्लान?
भारी उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि ये स्टेशन 50 राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों, मेट्रो शहरों, टोल प्लाजा, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, ईंधन आउटलेट और राज्य राजमार्गों जैसे उच्च-यातायात स्थलों पर रणनीतिक रूप से स्थापित किए जाएंगे। पीएम ई-ड्राइव योजना मांग प्रोत्साहनों के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने में तेजी लाने और देश भर में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने के लिए अक्टूबर 2024 में शुरू की गई थी। केंद्र ने इस योजना के तहत ईवी को सब्सिडी के लिए 10,900 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
Electric Truck के संचालन से प्रदूषण में काफी कमी आएगी। यह भारत के खराब होते पर्यावरण के लिहाज से काफी अहम है। सरकार का दावा है कि साल 2047 तक ई-ट्रकों के जरिए माल ढुलाई का आंकड़ा काफी बढ़ जाएगा। इससे लॉजिस्टिक खर्च भी कम होगा और ईवी बैटरी निर्माण के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
केंद्र ने एफएएमई -II योजना के तहत तीन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल द्वारा 8,932 इलेक्ट्रिक वाहन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन (ईवीपीसीएस) स्थापित करने के लिए 873.50 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इस महीने की शुरुआत में, सरकार ने प्रधानमंत्री ई-ड्राइव पहल के तहत इलेक्ट्रिक ट्रकों (ई-ट्रकों) के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए एक अभूतपूर्व योजना शुरू की, जिसमें प्रति वाहन अधिकतम प्रोत्साहन राशि 9.6 लाख रुपए निर्धारित की गई है।
