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जरा-सी लापरवाही और जान पर बन आ सकती है बात, हाइवे ड्राइविंग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

हाइवे पर कार चलाना रोमांचक होने के साथ जिम्मेदारी भरा भी होता है। तेज रफ्तार, लंबी दूरी और लगातार चलने वाले वाहन को लेकर चालक को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। क्योंकि जरा-सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में हाइवे ड्राइविंग को लेकर कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

car safety tips

हाइवे-ड्राइविंग से जुड़ी सेफ्टी टिप्स (Photo : iStock)

हाइवे पर कार ड्राइविंग शहर की सड़कों से बहुत हद तक अलग होती है। हाइवे पर अक्सर गाड़ियां तेज रफ्तार में दौड़ती हैं। जरा-सी लापरवाही जान पर बात ला सकती है। ऐसे में सुरक्षित और कंफर्टेबल यात्रा के लिए आप कुछ जरूरी बातों का ध्यान रख सकते हैं।

कार की बेसिक जांच

घर से कार लेकर निकल रहे हैं तो हाइवे को लेकर कार की बेसिक जांच करने की सलाह दी जाती है। इस बेसिक जांच में टायर प्रेशर, ब्रेक्स का ठीक तरह से काम करना, इंजन ऑयल और कूलेंट का सही लेवल और लाइट्स के ठीक से जलने को चेक किया जा सकता है।

स्पीड लिमिट का ध्यान

हाइवे पर सभी गाड़ियां तेज दौड़ती हैं और यह कुछ हद तक आसान भी लगता है लेकिन स्पीड लिमिट का ध्यान न रखना एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। तय गति सीमा में गाड़ी चलाते हैं तो इमरजेंसी की स्थिति में कार पर कंट्रोल बनाए रखना भी आसान होगा। कार की तेज रफ्तार रहेगी तो ब्रेक लगाने का समय बढ़ जाएगा और यह एक बड़ी परेशानी खड़ी कर देगा।

डिस्ट्रैक्शन से रहें दूर

कार ड्राइविंग के दौरान किसी भी तरह के डिस्ट्रैक्शन या फोन पर बात करने से बचने की सलाह दी जाती है। विशेषकर हाइवे ड्राइविंग के दौरान इस बात का खास ध्यान रखें। ड्राइविंग के दौरान आपका पूरा ध्यान सड़क पर ही होना चाहिए। फोन पर आने वाले मैसेज को भी नजरअंदाज करने की कोशिश करें।

थकान और नींद से बचें

हाइवे ड्राइविंग के दौरान इस बात का खास ध्यान रखा जाना चाहिए कि कार चालक थकान और नींद की स्थिति में कार न चलाए। हाइवे पर एक जरा सी नींद की झपकी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। नींद आ रही हो तो ड्राइवर बदलें या लंबी दूरी तय कर रहे हैं तो 2 से 3 घंटे की ड्राइविंग के बाद ब्रेक लेने की सलाह दी जाती है।

सही लेन का रखें ध्यान

हाइवे पर सही लेन का ध्यान रखा जाना बेहद जरूरी है। बाईं और बीच की लेन में सामान्य गति से चलना चाहिए। वहीं, दाईं लेन ओवरटेक के लिए होती है। हाइवे पर बिना इंडीकेटर दिए लेन बदलना दुर्घटना का कारण बन सकता है।

शिवानी कोटनाला
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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