आजकल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहन की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में इसे सही तरीके से चार्ज करना एक बड़ा टास्क है। उदाहरण के तौर पर यदि टाटा नेक्सन की बैटरी खराब हो जाए तो उसे बदलवाने में 7 लाख रुपये तक खर्च हो सकते हैं। ऐसे में हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं जिनकी मदद से आप कार की रेंज बढ़ाने के साथ उसकी बैटरी को सुरक्षित रख सकते हैं।
1. ओवरचार्जिंग न करें
ओवरचार्जिंग इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी को प्रभावित करता है। यह स्मार्टफोन की बैटरी से काफी मिलता-जुलता है। हो सके तो बैटरी को 100 प्रतिशत होने से थोड़े पहले ही चार्जिंग सॉकेट से निकाल दें। दरअसल ईवी में पाई जाने वाली लिथियम-आयन बैटरी 30-80 प्रतिशत चार्ज रेंज में सबसे अच्छा काम करती हैं। बैटरी को लगातार पूरी क्षमता से चार्ज करने पर बैटरी पर असर पड़ता है। इसलिए बैटरी को हमेशा 80% चार्ज करने की कोशिश करें।
2. बैटरी पूरी तरह से डिस्चार्ज न हो
बैटरी को कभी भी पूरी तरह से खाली न करें। चार्ज लगभग 20 प्रतिशत होने पर इसे रिचार्ज करने का प्रयास करें। लिथियम-आयन बैटरी डिस्चार्ज या ड्रेन आउट के बाद बहुत धीरे चार्ज होती है। इसलिए चार्ज को तब तक चालू रखें जब तक कि बैटरी 80 प्रतिशत तक चार्ज न हो जाए। इससे वाहन में रीजनरेटिव ब्रेकिंग से मिलने वाली एनर्जी को स्टोर करने के लिए जगह बची रहेगी और चार्जिंग लागत भी कम होगी।
3. सफर के तुरंत बाद बैटरी चार्ज न करें
मोटर को पावर देने की स्थिति में लिथियम-आयन बैटरी बहुत ज्यादा गर्मी पैदा करती हैं। इसलिए कम से कम 30 मिनट के कूलिंग के बाद बैटरी को चार्ज करना अच्छा माना जाता है। ईवी चलाने या चलाने के तुरंत बाद बैटरी को चार्ज में न लगाएं, क्योंकि इससे वाहन की थर्मल समस्या बढ़ जाती है।
4. बार-बार चार्ज न करें
यह एक गलती कई इलेक्ट्रिक वाहन यूजर्स करते हैं। बैटरी को बहुत अधिक चार्ज करने से बैटरी का जीवनकाल कम हो जाता है। इसकी बैटरी ऑटोमैटिक रूप से खराब हो जाती है, इसे बार-बार चार्ज करने से बैटरी की गिरावट में तेजी हो जाएगी। यह EV बैटरी के प्रदर्शन को भी प्रभावित करता है। बैटरी लाइफ बढ़ाने के लिए चार्जिंग कम से कम करनी चाहिए।
