Car News India: भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कार मार्केट है। इस मार्केट में एक से बढ़कर एक कार निर्माता कंपनियां मौजूद हैं। खबर आ रही है कि महिंद्रा, ह्यून्दे, होंडा और किआ समेत 8 कार निर्माता कंपनियों पर भारत सरकार द्वारा 7300 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। खबर आने के बाद से ही कुछ अग्रणी कार निर्माता कंपनियों के शेयरों पर इसका असर दिखने लगा है और इन्वेस्टर्स कार निर्माता कंपनियों के शेयर बेचने लगे हैं। आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला है और किस वजह से इन कंपनियों पर 7300 करोड़ का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इस वजह से लगेगा जुर्माना
कुछ कार निर्माता कंपनियों की कारों के एमिशन तय नियमों से अधिक पाए गए हैं। इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण भारतीय कार निर्माता कंपनी ह्यून्दे पर सबसे अधिक, 2800 करोड़ रुपये, का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही महिंद्रा पर 1800 करोड़ और किआ पर 1300 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। आइये जानते हैं कि सरकार द्वारा कारों के एमिशन के लिए क्या नियम तय किये गए हैं।
कार के एमिशन से संबधित नियम
भारत में ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफीशिएंसी () द्वारा तय नियमों के अनुसार ही कार के एमिशन भी मौजूद हैं। वित्त वर्ष 23 में कार कंपनियों द्वारा बेची गईं सभी कारों को कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफीशिएंसी (CAFE) नियमों का पालन करना था। 1 जनवरी 2023 से सख्त नियम लागू किये गए थे जिनके अनुसार कारों को प्रति 100 लीटर में 4.78 लीटर का फ्यूल इस्तेमाल करना था। साथ ही इनके द्वारा प्रति 100 किलोमीटर पर 113 ग्राम से ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन नहीं होना चाहिए था। कार निर्माताओं का कहना है कि नए नियम जनवरी 2023 में लागू हुए हैं और इसीलिए उन पर पूरे वित्त वर्ष 23 में बिकी कारों के आधार पर जुर्माना नहीं लगाया जाना चाहिए।
