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एक्सीडेंट पीड़ितों को मिलेगा 1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज, जानिए क्या है पूरा मामला

भारत में हर साल लाखों लोग एक्सीडेंट की वजह से जान गंवा देते हैं। एक्सीडेंट पीड़ितों को बेहतर मेडिकल सुविधा प्रदान करने के लिए अब सरकार ने काफी अहम फैसला लिया है। भारत सरकार ने एक नए प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस शुरुआत के तहत एक्सीडेंट पीड़ितों को मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी। आइये जानते हैं सरकार की इस पहल के बारे में सबकुछ।

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सड़क दुर्घटना में घायल होने वालों को मिलेगा मुफ्त इलाज

Photo : iStock

Free Treatment For Road Accident Victims: भारत में हर साल रोड एक्सीडेंट की वजह से लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। एक्सीडेंट पीड़ितों को बेहतर मेडिकल सुविधा प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने अब नई पहल कि शुरुआत की है। सड़क दुर्घटना में सबसे जरूरी वक्त एक्सीडेंट के बाद मिलने वाली मेडिकल सुविधाओं का होता है। आमतौर पर सड़क दुर्घटना के बाद जब पीड़ित को हॉस्पिटल ले जाया जाता है तो उनके इलाज पर लाखों रुपए खर्च होते हैं। इसी खर्च से बचने के लिए एक्सीडेंट पीड़ित अक्सर सरकारी अस्पताल का रुख करते हैं। लेकिन दुर्घटना होने के बाद आस-पास सरकारी अस्पताल न हो तो पीड़ित और उनके संबंधी अक्सर खर्च को लेकर परेशान हो जाते हैं। इस खर्च की चिंता से पीड़ितों को मुक्ति दिलाने के लिए सरकार अब 1.5 लाख रुपए तक की मेडिकल मदद पीड़ितों को प्रदान करेगी।

कहां शुरू हुआ ये प्रोग्राम?

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस प्रोग्राम की शुरुआत फिलहाल चंडीगढ़ में की है। इस प्रोग्राम के तहत एक्सीडेंट होने के अगले 7 दिनों तक पीड़ितों को 1.5 लाख रुपए की अधितकम मेडिकल सुविधा प्रदान की जाएगी। फिलहाल इस प्रोग्राम की टेस्टिंग की जा रही है और साथ ही मंत्रालय इस प्रोग्राम को और विकसित भी कर रहा है। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि एक्सीडेंट पीड़ितों को प्रति व्यक्ति अगले 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपए का कैशलेस ट्रीटमेंट प्रदान किया जाएगा।

प्रोग्राम के फायदे

इस प्रोग्राम का प्रमुख उद्देश्य एक्सीडेंट पीड़ितों को सही समय पर मेडिकल केयर प्रदान करने के लिए एक इकोसिस्टम तैयार करना है। इलाज करने के लिए अस्पताल जो क्लेम फाइल करेगा उसकी पेमेंट मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड के माध्यम से कर दी जाएगी। ये प्रोग्राम सभी प्रकार के मोटर व्हीकल से हुए सभी एक्सीडेंट को कवर करेगा। इस प्रोग्राम को लागू करने का जिम्मा राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्था (NHA) को दिया गया है। NHA, पुलिस, हॉस्पिटल और राज्य स्वास्थ्य संस्थाओं के साथ मिलकर इस प्रोग्राम लॉन्च करेगी। केंद्र सरकार ने यह भी बताया है कि इस प्रोग्राम को IT प्लेटफॉर्म के माध्यम से लागू किया जाएगा।
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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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