सीड एक्ट 2026: जो घटिया बीज बेचेगा, उस पर 30 लाख रुपये तक जुर्माना और 3 साल तक जेल, बोले कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
- Authored by: रामानुज सिंह
- Updated Jan 16, 2026, 07:41 PM IST
Seed Act 2026: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सीड एक्ट 2026 किसानों की सुरक्षा और बीज गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा। नए कानून में बीज ट्रेसिबिलिटी लागू होगी। हर बीज पर QR कोड होगा, जिससे किसान बीज की पूरी जानकारी जान सकेंगे और नकली या घटिया बीज पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी।
सीड एक्ट 2026: हर किसान तक पहुंचेगी बीज की पूरी जानकारी, नकली बीज पर लगेगी सख्त लगाम (तस्वीर-PIB)
- सीड एक्ट 2026 से बदलेगी खेती की तस्वीर, नकली बीज कारोबार पर लगेगा ब्रेक
- नकली बीज वालों की खैर नहीं, सीड एक्ट 2026 से होगा बड़ा एक्शन
- किसानों के हित में बड़ा फैसला: हर बीज पर QR कोड, हर गड़बड़ी पर सजा
Seed Act 2026 : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मीडिया से बातचीत में नए सीड एक्ट 2026 की खूबियों और इसके किसानों पर होने वाले फायदों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कानून किसानों की सुरक्षा, बीज की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम है।
हर बीज की होगी पूरी पहचान, QR कोड से मिलेगी जानकारी
कृषि मंत्री ने बताया कि नए कानून के तहत हर बीज की ट्रेसिबिलिटी तय की जाएगी। अब हर बीज पैकेट पर QR कोड होगा, जिसे स्कैन करके किसान यह जान सकेगा कि बीज कहां बना, किस कंपनी का है और किस डीलर ने उसे बेचा। इससे नकली और घटिया बीज पर रोक लगेगी और अगर कोई गड़बड़ी होगी तो जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान तुरंत हो सकेगी।
घटिया बीज बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई
पीआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि अब खराब या नकली बीज सिस्टम में घुस ही नहीं पाएंगे। अगर कोई जानबूझकर घटिया बीज बेचेगा, तो उस पर 30 लाख रुपये तक जुर्माना और 3 साल तक की जेल का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ 500 रुपये तक का जुर्माना था, जो किसानों के साथ अन्याय था, लेकिन अब कानून को मजबूत बनाया जा रहा है।
सभी बीज कंपनियों का रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी
नए सीड एक्ट के तहत अब हर बीज कंपनी का पंजीकरण अनिवार्य होगा। इससे यह साफ रहेगा कि कौन सी कंपनी अधिकृत है और कौन नहीं। बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी कंपनी या डीलर बीज नहीं बेच पाएगा। इससे फर्जी कंपनियों पर पूरी तरह रोक लगेगी।
परंपरागत और देसी बीजों पर कोई रोक नहीं
कृषि मंत्री ने साफ किया कि नया कानून किसानों के परंपरागत बीजों पर कोई पाबंदी नहीं लगाता। किसान अपने बीज बो सकते हैं, दूसरे किसानों को दे सकते हैं और गांवों में चल रही बीज अदला-बदली की परंपरा पहले की तरह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
ICAR और देसी कंपनियों को मिलेगा बढ़ावा
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस कानून में सरकारी संस्थानों (ICAR, कृषि विश्वविद्यालय, KVK), देसी निजी कंपनियों और विदेशी बीजों तीनों के लिए स्पष्ट व्यवस्था की गई है। विदेशी बीजों को पूरी जांच और मूल्यांकन के बाद ही मंजूरी मिलेगी, जबकि देश की देसी कंपनियों और सार्वजनिक संस्थानों को मजबूत किया जाएगा।
किसानों को जागरूक करने के लिए देशव्यापी अभियान
किसानों में जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ जैसे कार्यक्रम चला रही है। देश के सभी 731 कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) किसानों को बीज की गुणवत्ता, सही चयन और शिकायत दर्ज कराने की जानकारी देंगे। वैज्ञानिक और अधिकारी सीधे गांवों तक पहुंचेंगे।
राज्यों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित
कुछ आशंकाओं को दूर करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि राज्य का विषय है और नए सीड एक्ट से राज्यों के अधिकारों में कोई कमी नहीं होगी। यह कानून राज्यों के सहयोग से लागू किया जाएगा और केंद्र सिर्फ समन्वय की भूमिका निभाएगा।
1966 के पुराने कानून की जगह आधुनिक व्यवस्था
उन्होंने कहा कि 1966 का सीड एक्ट पुराने समय का था, जब न डिजिटल तकनीक थी और न डेटा सिस्टम। अब नया कानून डिजिटल रिकॉर्ड, ट्रेसिबिलिटी और जवाबदेही पर आधारित होगा, ताकि भविष्य में कोई भी किसान ठगा न जाए।
लक्ष्य: हर किसान को सही और भरोसेमंद बीज
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बीज मिले। अच्छी कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा और किसानों को धोखा देने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। सीड एक्ट 2026 के जरिए सरकार किसानों के हित में एक मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था तैयार कर रही है।