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RBI Collateral Free Agriculture Loan Limit: आरबीआई ने किसानों को दी बड़ी सौगात, अब बिना गारंटी मिलेगा 2 लाख रुपये तक का लोन

RBI Collateral Free Agriculture Loan Limit: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बढ़ती महंगाई से किसानों को राहत देने के मकसद से बिना गारंटी के अब दो लाख रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इससे वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेने को लेकर छोटे और सीमांत किसानों का दायरा बढ़ेगा।

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RBI Collateral Free Agriculture Loan Limit

RBI Collateral Free Agriculture Loan Limit Increases: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बढ़ती महंगाई से किसानों को राहत देने के मकसद से बिना गारंटी के अब दो लाख रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराने की घोषणा की है। गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) ने कृषि लोन के लिए कोलेटरल को प्रति उधारकर्ता 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य किसानों को अधिक वित्तीय सहायता और स्थिरता देना है। साथ ही कृषि क्षेत्र में अधिक लोन उपलब्धता की सुविधा देना है।

गारंटी मुक्त कृषि ऋण

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा की जानकारी देते हुए बुधवार को कहा, ‘‘मुद्रास्फीति और कृषि में उपयोग होने वाले कच्चे माल की लागत में वृद्धि को देखते हुए गारंटी मुक्त कृषि ऋण की सीमा को 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने का निर्णय किया गया है।’’

छोटे किसानों का बढ़ेगा दायरा

गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि इससे वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेने को लेकर छोटे और सीमांत किसानों का दायरा बढ़ेगा। उल्लेखनीय है कि आरबीआई ने 2010 में कृषि क्षेत्र को बिना किसी गारंटी के एक लाख रुपये देने की सीमा तय की थी। बाद में, 2019 में इसे बढ़ाकर 1.6 लाख रुपये कर दिया गया था। आरबीआई ने कहा कि इस संबंध में परिपत्र जल्द ही जारी किया जाएगा।

रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव

बता दें कि RBI की मौद्रिक नीति समिति ने 11वीं बार रेपो रेट में बदलाव नहीं किया है। इसके साथ ही एक बार फिर से रेपो रेट 6.5% पर बरकरार रहेगी। इसका मतलब कि लोन लेने वालों को लोन दरों में राहत मिलने की संभावना नहीं है। हालांकि, आम तौर पर रेपो रेट में बढ़ोतरी न होने पर बैंक ब्याज दरें भी नहीं बढ़ाते हैं। यानी रेपो रेट न बढ़ने पर लोन महंगा नहीं होता।

Ankita Pandey
अंकिता पाण्डेयauthor

अंकिता पाण्डेय टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में तीन साल से काम कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखती हैं। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही फील्ड रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत हुई। फिर जनसत्ता के डिजिटल प्लैटफॉर्म में लगभग 1.5 साल तक काम किया। 2022 में टाइम्स नाउ नवभारत के एजुकेशन टीम का हिस्सा बनीं। करीब चार साल के छोटे से करियर में स्कूली शिक्षा से लेकर रोजगार तक के सभी पहलुओं पर पकड़ बनाई। नए और रोचक विषयों पर स्टोरी बनाने के साथ ही सक्सेस स्टोरी के जरिए युवाओं को प्रोत्साहन देना भी काम का हिस्सा है। जॉब वैकेंसी, स्कूल-कॉलेज, करियर ऑप्शन, एग्जाम टिप्स, करंट अफेयर्स से जड़ी तमाम खबरों को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहती हैं।

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