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यूपी में टूटा रिकॉर्ड, 7.28 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद; किसानों को मिले 1,464 करोड़

यूपी में 7.28 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई। सरकार के मुताबिक, साल 2023 का टूटा रिकॉर्ड टूट गया है। किसानों के खाते में 1,464 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।

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यूपी में टूटा रिकॉर्ड, 7.28 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद; किसानों को मिले 1,464 करोड़

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में खरीफ क्रय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत एजेंसियों द्वारा अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद हो चुकी है। वर्ष 2023-24 में 25 नवंबर तक एजेंसियों द्वारा 5.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी यानी इस वर्ष अब तक 1.49 लाख मीट्रिक टन अधिक धान की खरीद हो चुकी है। किसानों को 1,464 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। यह दावे बताते हैं कि विपक्ष हकीकत से दूर है और उसके दावे हवा-हवाई हैं। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनपदों के साथ खाद्य-रसद विभाग के आलाधिकारी क्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण भी कर रहे हैं। सीएम के निर्देश पर किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान भी किया जा रहा है।

1,05,439 किसानों ने बेची उपज

योगी सरकार के निर्देशन में धान खरीद तेजी से हो रही है। एजेंसियों द्वारा पिछले वर्ष 2023-24 तक 25 नवंबर की अवधि तक 5.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी, जो इस वर्ष 1.49 लाख मीट्रिक टन बढ़कर 7.28 लाख मीट्रिक टन से अधिक हो चुकी है। इस वर्ष अब तक 1,05,439 किसानों से खरीद हो चुकी है। विगत दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर धान खरीद को लेकर समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने धान खरीद में तत्परता व पारदर्शिता बरतने का निर्देश देते हुए कहा था कि किसानों को हर हाल में 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाए। इसकी नियमित समीक्षा भी की जाए।

किसानों को 1,464 करोड़ रुपये का भुगतान

इस वर्ष किसानों को अब तक 1,464 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। सीएम ने अफसरों को निर्देश दिया था कि किसानों के बैठने, छाया, पेयजल आदि की बुनियादी सुविधा भी क्रय केंद्रों पर होनी चाहिए। सीएम के निर्देश के उपरांत स्थानीय प्रशासन व खाद्य-रसद विभाग की तरफ से क्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। मुख्यालय से इसकी मॉनीटरिंग भी की जा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू हुई थी, जो 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। इस अवधि में बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, मेरठ, झांसी तथा लखनऊ संभाग के हरदोई, सीतापुर व लखीमपुर खीरी में भी धान खरीद की जा रही है।

ये है धान का समर्थन मूल्य

वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहली नवंबर से धान खरीद प्रारंभ हुई थी, जो 28 फरवरी तक चलेगी। इस अवधि में अयोध्या, गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन, आज़मगढ़, वाराणसी, विंध्याचल, प्रयागराज, कानपुर, चित्रकूट व लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव जनपद में खरीद सुचारू रूप से चल रही है। सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 2,300 रुपये व ग्रेड ए का 2,320 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। किसानों को धान की उतराई, छनाई व सफाई की मद में 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रतिपूर्ति भी की जा रही है।

उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में किसानों द्वारा धान बिक्री के लिए खाद्य-रसद विभाग व अन्य क्रय एजेंसियों के कुल 4,215 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए हैं। क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम 5 बजे तक संचालित हो रहे हैं। इस वर्ष बंटाईदार किसानों द्वारा भी पंजीकरण-नवीनीकरण कराते हुए धान की बिक्री जा रही है। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 जारी किया गया है। किसान इस पर संपर्क करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा जनपदों के खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क कर समस्या व शिकायत कर सकते हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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