Kisan Welfare Schemes : केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने और खेती को आधुनिक बनाने के लिए लगातार कई योजनाएं चला रही है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से ऐसी कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, जिनका सीधा लाभ करोड़ों किसानों तक पहुंच रहा है। नीचे PM KISAN समेत प्रमुख 7 योजनाओं को आसान भाषा में समझाया गया है। इन सभी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, जोखिम कम करना और कृषि को लाभकारी व्यवसाय में बदलना है। सरकार की ये पहलें किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 24 फरवरी 2019 को शुरू की गई थी। इसके तहत देश के पात्र किसान परिवारों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है। अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों को 2.81 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से दी जा चुकी है। इस योजना से किसानों को खेती के छोटे-मोटे खर्चों में मदद मिलती है।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY)
यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए वृद्धावस्था सुरक्षा पेंशन योजना है। इसमें 18 से 40 वर्ष की उम्र के किसान हर महीने थोड़ा योगदान देते हैं और सरकार भी उतना ही योगदान देती है। 60 वर्ष की उम्र के बाद किसानों को 3000 रुपये मासिक पेंशन मिलती है। अब तक करीब 23.38 लाख किसान इस योजना से जुड़ चुके हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को फसल नुकसान से सुरक्षा देती है। प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि आदि से फसल खराब होने पर किसानों को बीमा क्लेम दिया जाता है। 2016 से अब तक करोड़ों किसान इसमें शामिल हुए हैं और करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का क्लेम किसानों को दिया जा चुका है। इससे किसानों को भारी नुकसान से राहत मिलती है।
मोडिफाइड ब्याज सहायता योजना (MISS)
मोडिफाइड ब्याज सहायता योजना के तहत किसानों को कम ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है। किसान 3 लाख रुपये तक का ऋण 7% ब्याज पर लेते हैं और समय पर भुगतान करने पर ब्याज घटकर 4% रह जाता है। यह योजना पशुपालन, डेयरी और मछली पालन जैसी गतिविधियों को भी समर्थन देती है। इससे किसानों पर कर्ज का बोझ कम होता है।
कृषि अवसंरचना निधि (AIF)
कृषि अवसंरचना निधि योजना का उद्देश्य कृषि ढांचे को मजबूत बनाना है, जैसे गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट। इसके तहत 1 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसमें किसानों, एफपीओ, सहकारी समितियों और स्टार्टअप्स को सस्ती ब्याज दर पर लोन मिलता है। अब तक हजारों परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ा है।
किसान उत्पादक संगठन (FPO) योजना
इस योजना का उद्देश्य किसानों को संगठित करके उन्हें मजबूत बनाना है। किसान उत्पादक संगठन (FPO) किसानों को मिलकर काम करने, बेहतर दाम पाने और बाजार तक सीधी पहुंच दिलाने में मदद करते हैं। प्रत्येक FPO को सरकार से आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण दिया जाता है। अब तक हजारों FPO पंजीकृत हो चुके हैं।
राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (NBHM)
इस योजना का उद्देश्य “मीठी क्रांति” लाना है। इसमें मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जाता है ताकि किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ सके। देश में लाखों मधुमक्खी कॉलोनियां पंजीकृत की गई हैं और कई आधुनिक शहद जांच प्रयोगशालाएं भी स्थापित की गई हैं। इससे शहद उत्पादन और निर्यात दोनों में बढ़ोतरी हुई है।
