कृषि

धान खरीद में देरी पर बोले खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी- मंडियों में लाए गए ‘हर एक दाने’ की खरीद करेगी सरकार

Paddy Procurement: पंजाब में धान खरीद में देरी से गेहूं की बुवाई पर पड़ने वाले संभावित असर पर खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि इसको लेकर कृषि मंत्री से बात करेंगे। साथ ही कहा कि सरकार मंडियों में लाए गए ‘हर एक दाने’ की खरीद करेगी।

Image

धान की खरीद पर मंत्री का बड़ा बयान (तस्वीर-Canva)

Paddy Procurement: खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने मंगलवार (5 नवंबर 2024) को कहा कि वह पंजाब में धान खरीद में देरी से गेहूं की बुवाई पर पड़ने वाले संभावित असर के बारे में कृषि मंत्री से चर्चा करेंगे। साथ ही उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार मंडियों में लाए गए ‘हर एक दाने’ की खरीद करेगी। इस देरी से नवंबर के मध्य में गेहूं की बुवाई से पहले खेतों को साफ करने के लिए किसानों द्वारा पराली जलाने की बढ़ती आशंकाओं के बीच जोशी ने कहा कि खरीद तत्काल प्राथमिकता बनी हुई है।

भारत ब्रांड के तहत सब्सिडी वाली दर पर गेहूं के आटे और चावल के दूसरे चरण की शुरुआत के मौके पर जोशी ने मीडिया से कहा कि अब हमारी प्राथमिकता खरीद है। पराली जलाने और गेहूं की बुवाई का काम कृषि मंत्रालय देखता है। उन्होंने कहा कि हालांकि, दोनों मंत्रालय इस मुद्दे पर तालमेल बिठा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि हम उस पहलू पर भी विचार करेंगे। फिलहाल हमारी प्राथमिकता खरीद है। मेरी मुख्य चिंता यह है कि किसानों को इस समय चिंतित नहीं होना चाहिए।

गेहूं की बुवाई में देरी से उत्पादन प्रभावित होने के सवाल पर जोशी ने कहा कि मेरे पास विस्तृत जानकारी नहीं है। अगले दो-तीन दिन में मैं कृषि मंत्री से मिलूंगा। यह मेरे लिए उतना ही चिंताजनक है, क्योंकि कि हम सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से गेहूं वितरित करते हैं।

मंत्री ने कहा कि पंजाब में धान खरीद के काम में तेजी आई है, चार नवंबर को एक दिन में 6.29 लाख टन धान की खरीद हुई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 5.34 लाख टन धान की खरीद हुई थी। उन्होंने कहा कि पिछले साल 119 लाख टन की तुलना में अब तक कुल खरीद 98.42 लाख टन हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 20-28 लाख टन की कमी बारिश के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र चालू मार्केटिंग सत्र 2024-25 में लक्षित 184 लाख टन की खरीद के लिए प्रतिबद्ध है। जोशी ने कहा कि हम किसानों द्वारा मंडियों में लाए गए हर अनाज के दाने की खरीद करेंगे।

सरकार 2,320 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 'ए' ग्रेड धान खरीद रही है। सरकार ने पहले ही 5.38 लाख किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिये एमएसपी भुगतान के रूप में 20,557 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं। चीनी के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने की उद्योग की मांग के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि उनका अनुरोध मंत्रालय के पास है। हम उचित समय पर निर्णय लेंगे।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article