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कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले बिल गेट्स, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

Bill Gates and Shivraj Singh Chauhan: बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष बिल गेट्स ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और कृषि एवं ग्रामीण विकास समेत कई मुद्दों पर चर्चा की।

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शिवराज से मिले बिल गेट्स

Bill Gates and Shivraj Singh Chauhan: बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष बिल गेट्स ने सोमवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और कृषि एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के बाद एक बयान में चौहान ने कहा कि बिल फाउंडेशन पहले से ही कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से भारत सरकार के साथ काम कर रहा है और आज फिर हमने चर्चा की कि हम किन क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं।

चौहान ने गेट्स से कहा कि भारत का ध्यान भविष्य की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जलवायु प्रतिरोधी और जैव-फोर्टिफाइड किस्मों के विकास पर है। मंत्री ने कहा कि गेट्स फाउंडेशन आईसीएआर के साथ काम कर रहा है, इस क्षेत्र में और अधिक तकनीकी सहयोग की गुंजाइश है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने 2,900 से अधिक फसल किस्में विकसित की हैं, जिनमें से 85 प्रतिशत प्रतिकूल जलवायु सहिष्णु हैं और 179 जैव-फोर्टिफाइड हैं। बिल गेट्स ने कहा कि भारत में किए जा रहे कृषि अनुसंधान उत्कृष्ट हैं, जिसका लाभ दुनिया के बाकी देशों को भी मिल सकता है।

मंत्री ने कहा कि भारत और गेट्स फाउंडेशन के बीच साझेदारी को और गहरा करने की अपार संभावनाएं हैं, खासकर डिजिटल कृषि, कृत्रिम मेधा, जैव प्रौद्योगिकी और प्रतिकूल जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों के क्षेत्र में ऐसे सहयोग बढ़ सकते हैं। चौहान ने ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय के साथ गेट्स फाउंडेशन के सहयोग की सराहना की और कहा कि ‘‘आपने मॉडल क्लस्टर लेवल फेडरेशन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बैठक में कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, ग्रामीण विकास सचिव शैलेश सिंह, दोनों मंत्रालयों और आईसीएआर के अधिकारियों के साथ-साथ गेट्स फाउंडेशन के अधिकारी हरि मेनन और अलकेश आडवाणी भी मौजूद थे।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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