कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को बताया कि आगामी वित्त वर्ष 2025-26 में देश का कृषि क्षेत्र 3 से 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कृषि में 1.5 से 2 प्रतिशत की वृद्धि को भी अच्छा माना जाता है, जबकि भारत इससे बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
खरीफ की बुवाई से पहले किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराने के उद्देश्य से सरकार 15 दिवसीय अखिल भारतीय अभियान शुरू करने जा रही है। यह अभियान 29 मई से शुरू होगा और इसका लक्ष्य देशभर के 723 जिलों के 65,000 गांवों में 1.30 करोड़ किसानों तक पहुंचना है।
भारतीय मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि इस वर्ष मानसून सामान्य से बेहतर रहेगा और 27 मई तक केरल पहुंच सकता है, जो सामान्य तिथि से पांच दिन पहले है। ऐसे अनुकूल मौसम के कारण खरीफ फसल की बुवाई पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2024-25 में कृषि क्षेत्र की विकास दर 3.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
आईसीएआर की भूमिका और वैज्ञानिकों की भागीदारी
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक एम एल जाट ने जानकारी दी कि इस अभियान में ICAR के 3,749 वैज्ञानिक और 2,980 कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के कर्मचारी हिस्सा लेंगे। कुल 2,170 टीमें प्रतिदिन कम से कम तीन पंचायतों में जाकर किसानों को प्रशिक्षण देंगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान से मिली जानकारियों को आगामी रबी सीजन की रणनीति में शामिल किया जाएगा।
