यमन के हूती समूह ने रविवार को इजरायल पर रात में किए गए रॉकेट हमले की जिम्मेदारी ली और दावा किया कि उसने ओरोट राबिन बिजली संयंत्र को निशाना बनाया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने हूती द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी पर प्रसारित एक बयान में कहा कि हमने इजरायल के हाइफा के दक्षिण में ओरोट राबिन बिजली संयंत्र को निशाना बनाकर एक सैन्य अभियान चलाया।
हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला
उन्होंने कहा कि यह अभियान एक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल के साथ चलाया गया और इसने सफलतापूर्वक अपना लक्ष्य हासिल कर लिया। गाजा पट्टी में मुजाहिदीन का समर्थन करने वाले हमारे सैन्य अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि समूह इजरायल के खिलाफ हमले जारी रखेगा ताकि उसे अपनी आक्रामकता रोकने और गाजा पर अपनी घेराबंदी हटाने के लिए मजबूर किया जा सके।
इजराइल का दावा
इसी बीच, इजरायली मीडिया ने दिन में पहले बताया कि इजरायली रक्षा बलों ने यमन से दागी गई एक मिसाइल को रोक दिया था। इजरायल पर हूती रॉकेट हमले के कुछ घंटों बाद अल-मसीरा कहा कि अमेरिकी-ब्रिटिश नौसेना गठबंधन ने रविवार सुबह तीन हमले किए, जिसमें यमन के शहर सादा के पूर्वी हिस्से को निशाना बनाया गया। निवासियों ने सोशल मीडिया पर कहा कि हमलों ने सादा शहर में एक हूती सैन्य स्थल को निशाना बनाया।
इजराइल पर कर चुका है हमले
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने अभी तक हूती के दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की है। हूती समूह, जो उत्तरी यमन के अधिकांश हिस्से को नियंत्रित करता है, इजरायल के खिलाफ नियमित रॉकेट और ड्रोन हमले कर रहा है और नवंबर 2023 से लाल सागर में इजरायली-संबंधित शिपिंग को बाधित कर रहा है, ताकि इजरायलियों के साथ चल रहे संघर्ष के बीच गाजा में फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाई जा सके। इससे पहले 3 जनवरी को यमन के हूती समूह ने कहा था कि उसने इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
