दुनिया

टेक CEO की बैठक में डोनाल्ड ट्रंप ने एलन मास्क को क्यों नहीं बुलाया?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में टेक जगत के दिग्गजों के एक समूह की मेजबानी की और उनकी कंपनियों द्वारा देश में किए जा रहे निवेश की जानकारी ली। लेकिन इस बैठक में टेक जगत के दुनिया के जानेमाने दिग्गज एलन मस्क नजर नहीं आए।

Image

टेक मीटिंग में नहीं दिखे एलन मस्क - (फोटो - AP)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में प्रौद्योगिकी जगत के दिग्गजों के एक समूह की मेजबानी की और उनकी कंपनियों द्वारा देश में किए जा रहे निवेश की जानकारी ली। राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रोज़ गार्डन में एक तकनीकी सीईओ डिनर की मेज़बानी की जिसमें बिल गेट्स और टिम कुक जैसे नेता शामिल हुए। लेकिन टेस्ला प्रमुख एलन मस्क इस बैठक में नहीं दिखे क्योंकि उन्हें बुलाया नहीं गया था। ट्रंप ने मस्क से मतभेद केक बावजूद हाल ही में मस्क से GOP में फिर से शामिल होने का आग्रह करते हुए उन्हें "80% सुपर जीनियस बताया था।

व्हाइट हाउस ने रोज़ गार्डन डिनर में मस्क की अनुपस्थिति पर कोई टिप्पणी नहीं की है। राष्ट्रपति के करीबी सहयोगी रहे मस्क ने इलेक्ट्रिक वाहन कर क्रेडिट, सरकारी अनुबंधों और यहां तक कि एपस्टीन फ़ाइलों से संबंधित आरोपों जैसे मुद्दों पर सोशल मीडिया पर तीखी आलोचनाएं की थी जो खराब संबंध का कारण बना। इसके अलावा मस्क की हालिया गतिविधियां उनके पारंपरिक रिपब्लिकन संबंधों से और दूर जाने का संकेत देती है।

बैठक में नहीं दिखे एलन मस्क

मेहमानों की इस सूची में ट्रंप के करीबी रहे एलन मस्क शामिल नहीं थे। इस साल की शुरुआत में मस्क और ट्रंप के बीच एक नए विधेयक को लेकर विवाद हुआ था और दोनों ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर काफी कड़ी टिप्पणियां की थीं। मेहमानों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में मस्क के प्रतिद्वंद्वी रहे ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और पेमेंट प्रॉसेसिंग कंपनी ‘शिफ्ट4’ के संस्थापक जेरेड इसाकमैन भी शामिल थे।

ट्रंप ने हाल में मस्क को सराहा

स्कॉट जेनिंग्स शो में हाल की एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति ट्रंप ने मस्क के राजनीतिक भविष्य पर बात की, यह कहते हुए कि अरबपति कारोबारी के पास GOP में लौटने के अलावा "कोई विकल्प" नहीं है। सार्वजनिक विवाद के बावजूद, ट्रंप ने मस्क को "80% सुपर जीनियस" कहते हुए एक संतुलित प्रशंसा दी, जबकि यह स्वीकार किया कि उनके पास कुछ समस्याएं हैं जिन पर उन्हें काम करना है। ट्रंप ने यह भी कहा कि "जब वह 20% का समाधान कर लेंगे, तो वह महान होंगे।

टिम कुक,जुकरबर्ग सहित कई जानीमानी हस्तियां हुई शामिल

मेटा के सह संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ट्रंप के दाहिनी ओर बैठे थे। जुकरबर्ग ने कहा कि वह करीब 600 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश कर रहे हैं। एप्पल के सीईओ टिम कुक ने भी 600 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश करने की बात कही, वहीं गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने 250 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का अनुमान व्यक्त किया। (एजेंसी इनपुट के साथ)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

और पढ़ें
End of Article