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अमेरिका ने क्यों दी तालिबान को धमकी? कहा- तालिबानी नेताओं पर रखा जा सकता है 'लादेन से भी बड़ा' इनाम

US-Taliban Conflicts: अमेरिका और तालिबान में फिर से तनाव के बादल छा गए हैं. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने तालिबान को सीधी धमकी दी है। रुबियो ने तालिबान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि उसके शीर्ष नेताओं पर 'बहुत बड़ा इनाम' रख सकता है।

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तालिबानी नेताओं पर रखा जा सकता है 'लादेन से भी बड़ा' इनाम: अमेरिका

Photo : Twitter

US-Taliban Tensions: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तालिबान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि उसके शीर्ष नेताओं पर 'बहुत बड़ा इनाम' रख सकता है। उन्होंने रविवार को अपने एक ट्वीट में यह बात कही। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रुबियो ने एक्स पर लिखा कि अभी-अभी सुनने में आया है कि तालिबान ने जितना बताया जाता है उससे कहीं ज्यादा अमेरिकियों को बंधक बनाया हुआ है। अगर यह सच है, तो हमें तुरंत उनके शीर्ष नेताओं पर बहुत बड़ा इनाम रखना होगा, शायद बिन लादेन पर रखे गए इनाम से भी बड़ा। विदेश मंत्री की पोस्ट में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई और न ही तालिबान द्वारा बंधक बनाए गए अमेरिकियों की संख्या बताई गई।

तालिबान नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के लिए किया गया आवेदन

काबुल में अधिकारियों ने पिछले सप्ताह कहा था कि अमेरिका ने अफगानिस्तान में बंद दो अमेरिकी नागरिकों के बदले में एक अफगान नागरिक की रिहाई हुई है, जिसे अमेरिकी अदालत ने ड्रग्स की तस्करी और उग्रवाद के आरोप में दोषी ठहराया था। अफगान अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि खान मोहम्मद नामक व्यक्ति रिहा होने के बाद काबुल पहुंच गया है। तालिबान प्रशासन के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि इसके बदले में दो अमेरिकी नागरिकों को रिहा किया गया है। रिहा किए गए अमेरिकियों में से एक रयान कॉर्बेट था। परिवार के अनुसार, कॉर्बेट 2022 से तालिबान की हिरासत में था। अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने कहा कि रिहा किए गए दूसरे अमेरिकी का नाम विलियम मैकेंटी था। 20 साल के युद्ध के बाद अमेरिका को अफगानिस्तान को छोड़कर जाना पड़ा और 2021 में तालिबान ने काबुल की सत्ता पर कब्जा कर लिया था। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के अभियोजक ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने अफगानिस्तान में सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा सहित दो तालिबान नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के लिए आवेदन किया है। इन पर महिलाओं और लड़कियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया गया।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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