इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने मंगलवार को एक हमले के दौरान ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी (Ali Larijani) के कथित तौर पर मारे जाने की घोषणा की, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। ईरान में एक अहम हस्ती माने जाने वाले लारीजानी ने कई ऊंचे पदों पर लंबे समय तक काम किया है।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने मंगलवार (17 मार्च) को दावा किया कि ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी एक रात भर चले हमले में मारे गए। लारीजानी, जो ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव के तौर पर काम करते हैं, देश के नेतृत्व में सबसे शक्तिशाली हस्तियों में से एक माने जाते हैं। हालांकि, उनको लेकर अभी भी भ्रम बना हुआ है, क्योंकि ईरानी अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि नहीं की है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने भी कहा, 'हमने कल रात ईरान में महत्वपूर्ण सफलताएँ हासिल कीं।'
रात भर चला यह ऑपरेशन
रात भर चला यह ऑपरेशन, तेहरान, शिराज और तबरीज़ में ईरान पर इज़रायल के नए हमलों का हिस्सा था। इज़रायली रक्षा बलों (IDF) ने भी इस बात की पुष्टि की कि ईरान की मिसाइल उत्पादन सुविधाओं और कमांड सेंटरों को भी निशाना बनाया गया। ज़मीर ने कहा, 'सैन्य क्षमताओं और औद्योगिक उत्पादन क्षमताओं को हो रहे लगातार नुकसान और कमज़ोरी के साथ-साथ, हम रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के तत्वों और शासन के दमनकारी तंत्र के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहे हैं।'

लारीजानी 2008 से 2020 तक ईरान की संसद के स्पीकर भी रहे
अली लारीजानी कौन हैं? (Who Is Ali Larijani)
सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के 67 वर्षीय सेक्रेटरी लारीजानी का जन्म 1 मार्च को हुआ था। उन्होंने दो बार इस पद पर काम किया-2005 से 2007 तक और 2025 से 2026 तक। उनका जन्म इराक के नजफ़ में मज़ानी मूल के लारीजानी परिवार में हुआ था। उन्होंने तेहरान यूनिवर्सिटी से पश्चिमी दर्शन की पढ़ाई की और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) में शामिल होने के बाद इस्लामिक गणराज्य में उन्हें काफी शोहरत मिली। उन्होंने 2008 से 2020 तक ईरान की संसद के स्पीकर के तौर पर भी काम किया।
लारीजानी 2020 से 'एक्सपीडिएंसी डिसर्नमेंट काउंसिल' (Expediency Discernment Council) के सदस्य रहे हैं। उन्होंने 1997 से 2008 तक भी इस पद पर कार्य किया था। 2026 के युद्ध के दौरान अली खामेनेई की मृत्यु के बाद, उन्हें ईरान के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में से एक माना गया।
लारीजानी की आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति
लारीजानी को आखिरी बार शुक्रवार (13 मार्च) को तेहरान में कुद्स रैली के दौरान मध्य तेहरान में सार्वजनिक रूप से देखा गया था। उन्होंने रैली के दौरान हुई बमबारी को तेहरान के दुश्मनों की 'हताशा' का संकेत बताया था।
मध्य पूर्व संघर्ष
मध्य पूर्व में संघर्ष 28 फरवरी को तब शुरू हुआ, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर समन्वित हमले किए, जिसमें अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य शीर्ष अधिकारी मारे गए। जवाबी कार्रवाई में, ईरान ने भी इज़राइल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
