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H-1B Visa: 'हम एच-1बी वीज़ा और ग्रीन कार्ड प्रणाली में बदलाव लाएंगे...' बोले अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक

अमेरिका के वाणिज्य सचिव ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम (H-1B visa) को एक 'घोटाला' (Scam) बताया है, जो अमेरिकी श्रमिकों को विस्थापित करता है। उन्होंने ऐसे सुधारों की नींव रखी है, जिनके भारत पर व्यापक परिणाम हो सकते हैं।

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अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक (फाइल फोटो: canva)

अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि मौजूदा ग्रीन कार्ड प्रणाली त्रुटिपूर्ण है और उन्होंने लाभार्थियों की आय के स्तर को गलत प्राथमिकताओं का प्रमाण बताया। उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप की आव्रजन नीति (Immigration Policy) धन और कौशल को आकर्षित करने की ओर बढ़ेगी।

लुटनिक ने फॉक्स न्यूज़ की होस्ट लॉरा इंग्राहम के साथ एक इंटरव्यू में कहा, 'मौजूदा एच-1बी वीज़ा प्रणाली एक घोटाला है जो विदेशी कर्मचारियों को अमेरिकी नौकरियों के अवसरों को भरने का मौका देती है। अमेरिकी कर्मचारियों को नियुक्त करना सभी महान अमेरिकी व्यवसायों की प्राथमिकता होनी चाहिए।'

लुटनिक ने पुष्टि की कि वह मौजूदा लॉटरी-आधारित एच-1बी आवंटन को अधिक चयनात्मक, वेतन-आधारित मॉडल से बदलने के प्रस्तावित सुधारों में सीधे तौर पर शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'हम उस कार्यक्रम को बदलने जा रहे हैं क्योंकि वह बहुत बुरा है। हम ग्रीन कार्ड में बदलाव करने जा रहे हैं।'

'हम सर्वश्रेष्ठ लोगों को चुनना शुरू करेंगे'

उन्होंने तर्क दिया कि डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में, आव्रजन नीति धन और कौशल को आकर्षित करने की ओर बढ़ेगी। 'यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप इसे बदलने जा रहे हैं-यहीं गोल्ड कार्ड आ रहा है और इसके साथ ही हम सर्वश्रेष्ठ लोगों को चुनना शुरू करेंगे।'

गोल्ड कार्ड योजना (GOLD CARD PLAN)

वाणिज्य सचिव ने ट्रंप प्रशासन द्वारा विचाराधीन प्रस्तावित 'गोल्ड कार्ड' (Gold Card) कार्यक्रम का भी विवरण दिया। इस प्रस्ताव के तहत कम से कम 50 लाख डॉलर का निवेश करने वाले विदेशियों को स्थायी अमेरिकी निवास प्रदान किया जाएगा। लुटनिक ने दावा किया कि मांग पहले ही आसमान छू रही है, 2,50,000 संभावित आवेदक कतार में हैं। अगर यह योजना साकार होती है, तो 1.25 ट्रिलियन डॉलर ($1.25 trillion) तक का निवेश आ सकता है।

'यही वह गोल्ड कार्ड है जो आ रहा है और यहीं से हम इस देश में आने के लिए सर्वश्रेष्ठ लोगों का चयन शुरू करेंगे। अब समय आ गया है कि इसे बदला जाए,' लुटनिक ने कहा। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने एच-1बी कार्यक्रम के प्रति समर्थन की पुनः पुष्टि की है तथा इसे 'सक्षम' और 'महान' व्यक्तियों को अमेरिका में लाने के लिए आवश्यक बताया है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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