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Bangladesh Violence: बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा, भीड़ ने शेख मुजीबुर्रहमान के घर को जलाया

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में एक बार फिर से हिंसा भड़क उठी है। भीड़ ने कई जगहों पर कब्जा कर लिया है और आग लगा दिया है। भीड़ अभी भी उग्र है और शेख मुजीबुर्रहमान के घर में घुसी हुई है।

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बांग्लादेश में फिर भड़ी हिंसा (वायरल फोटो)

Photo : Twitter

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में फिर से हिंसा भड़क गई है। भीड़ ने बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान के घर पर हमला बोल दिया है। उनके घर पर कब्जा जमाकर उसमें आग लगा दी है। इसके अलावा भीड़ ने कई इलाकों में तोड़ फोड़ की है। सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो और फोटो सामने आए हैं, जिसमें भीड़ शेख मुजीबुर्रहमान के घर में घुसी दिख रही है। यह तोड़फोड़ उस समय हुई जब उनकी बेटी और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना 'ऑनलाइन' लोगों को संबोधित कर रही थीं।

बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान के घर को जलाया

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भीड़ ने बांग्लादेश के पूर्व पीएम शेख हसीना के पिता और बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान के घर पर हमला बोला। शेख मुजीबुर्रहमान का ये घर राजधानी ढाका में स्थित है। इस घर को पहले एक स्मारक संग्रहालय में बदल दिया गया था।इस घर को पहले एक स्मारक संग्रहालय में बदल दिया गया था। कहा जा रहा है कि यह हिंसा तब भड़की जब बुलडोजर जुलूस का ऐलान हुआ। यह हमला सुरक्षाबलों के सामने ही हुआ, वो भीड़ को रोकने की सिर्फ खानपूर्ति करते दिखे और भीड़ धनमंडी-32 आवास में घुस गई।

क्यो बोलीं शेख हसीना

हसीना का संबोधन आवामी लीग की अब भंग हो चुकी छात्र शाखा छात्र लीग द्वारा आयोजित किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देशवासियों से वर्तमान शासन के खिलाफ संगठित प्रतिरोध करने का आह्वान किया। हसीना ने स्पष्ट रूप से नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा, "उनके पास अभी भी इतनी ताकत नहीं है कि वे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और उस स्वतंत्रता को बुलडोजर से नष्ट कर सकें, जिसे हमने लाखों शहीदों के जीवन की कीमत पर अर्जित किया है। वे इमारत को ध्वस्त कर सकते हैं, लेकिन इतिहास को नहीं... लेकिन उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास अपना बदला लेता है।"

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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