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USA: बोइंग विमानों में कथित गड़बड़ी का खुलासा करने वाले John Barnet की संदिग्ध मौत, 32 साल किया था कंपनी में काम

John Barnet Found Dead: बोइंग के पूर्व कर्मचारी और कंपनी में कथित तकनीकी गड़बड़ियों का खुलासा करने वाले जॉन बार्नेट संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए हैं। जॉन बार्नेट बोइंग में बतौर क्वालिटी मैनेजर कंपनी के नॉर्थ चार्ल्सटन प्लांट में काम करते थे। उनका काम कंपनी के 787 ड्रीमलाइनर विमान के प्रोडक्शन में गुणवत्ता का ध्यान रखना था।

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अपने ट्रक में मृत पाए गए जॉन बार्नेट

Photo : Twitter

John Barnet Found Dead: बोइंग के पूर्व कर्मचारी और कंपनी में कथित तकनीकी गड़बड़ियों का खुलासा करने वाले जॉन बार्नेट संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए हैं। जॉन बार्नेट ने 32 साल तक बोइंग में सेवाएं दीं और साल 2017 में ही जॉन बार्नेट बोइंग से रिटायर हुए थे। जानकारी के अनुसार, 62 वर्षीय जॉन बार्नेट ने स्वास्थ्य कारणों से 2017 में सेवानिवृत्त होने से पहले 32 वर्षों तक बोइंग के लिए काम किया था। चार्ल्सटन काउंटी के कोरोनर ने सोमवार को मीडिया को बताया कि वह एक होटल के कार पार्क में अपने ट्रक में मृत पाए गये थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि जॉन बार्नेट की स्वयं द्वारा ही दिए गए चोटों के कारण ही मौत हुई। चार्ल्सटन काउंटी पुलिस ने भी जॉन बार्नेट की मौत की पुष्टि कर दी है। जॉन बार्नेट ने बोइंग विमानों की असेंबली प्रक्रिया में गड़बड़ी का खुलासा किया था और आरोप लगाए थे कि असेंबली प्रक्रिया में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। साल 2017 में अमेरिका के संघीय एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने भी बोइंग पर ऐसे ही आरोपों को लेकर जांच भी की थी। जॉन बार्नेट ने रिटायरमेंट के बाद कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज कराया था।

क्वालिटी मैनेजर के रूप बार्नेट ने बोइंग में किया था काम

बार्नेट की मृत्यु ऐसे समय में हुई जब बोइंग और उसके प्रमुख आपूर्तिकर्ता स्पिरिट एयरोसिस्टम्स के उत्पादन मानकों की जांच की जा रही है। यह अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा उस घटना की आपराधिक जांच शुरू करने के कुछ दिनों बाद आया है जिसमें जनवरी में अलास्का एयरलाइंस की उड़ान के आपातकालीन दरवाजे का पैनल हवा में उड़ गया था। अलास्का एयरलाइंस की उड़ान में बोइंग 737 मैक्स था। अपनी मृत्यु से पहले, बार्नेट कंपनी के खिलाफ एक व्हिसलब्लोअर मुकदमे में बोइंग के उत्पादन मानकों के बारे में सबूत दे रहे थे। उन्होंने 2010 से उत्तरी चार्ल्सटन संयंत्र में एक गुणवत्ता प्रबंधक के रूप में काम किया, जो 787 ड्रीमलाइनर बना रहा था, जो मुख्य रूप से लंबी दूरी के मार्गों पर उपयोग किया जाने वाला विमान था।

2019 में, बार्नेट ने मीडिया को बताया था कि कर्मचारी, जो समय सीमा को पूरा करने के दबाव में थे, जानबूझकर उत्पादन लाइन पर बोइंग विमान में घटिया हिस्से लगा रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादन लाइन की समय सीमा को पूरा करने के लिए घटिया हिस्सों को स्क्रैप बिन से हटा दिया गया और विमानों में लगाया गया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व बोइंग कर्मचारी ने आरोप लगाया कि 787 ड्रीमलाइनर के लिए आपातकालीन ऑक्सीजन प्रणालियों के परीक्षणों में विफलता दर 25 प्रतिशत थी, जिसका अर्थ है कि चार में से एक ऑक्सीजन मास्क वास्तविक समय की आपात स्थिति में काम नहीं करेगा।

अपने ट्रक में मृत पाए गये बार्नेट

बार्नेट ने कहा कि उन्होंने प्रबंधकों को अपनी चिंताएं बताई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि बोइंग ने उनके दावों को खारिज कर दिया, अमेरिकी नियामक, फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने बार्नेट द्वारा चिह्नित कुछ चिंताओं को बरकरार रखा। ऑक्सीजन सिलेंडर के मुद्दे पर, बोइंग ने कहा कि उसने 2017 में आपूर्तिकर्ता से प्राप्त कुछ ऑक्सीजन बोतलों की पहचान की थी जो ठीक से तैनात नहीं हो रही थीं। हालांकि, कंपनी ने इस बात से इनकार किया कि इन्हें विमान में लगाया गया था। पिछले हफ्ते, बार्नेट से एक गवाही के दौरान बोइंग के वकीलों ने पूछताछ की थी, इससे पहले कि उनके अपने वकील ने उनसे जिरह की। उन्हें 9 मार्च (शनिवार) को पूछताछ के लिए पेश होना था। जब वह नहीं आया तो उसके होटल में पूछताछ की गई। आखिरकार, वह अपने ट्रक में मृत पाया गया। बार्नेट के वकील ने उनकी मृत्यु को दुखद बताया। बोइंग ने भी अपनी संवेदना व्यक्त की और कहा, हम बार्नेट के निधन से दुखी हैं और हमारी संवेदनाएं उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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