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USA News: क्‍यों लाखों युवाओं को देश से निकाल रहा अमेरिका, भारतीयों की संख्या सबसे अधिक; समझें क्या है पूरा मामला

अमेरिका में अलग तरह के नियम हैं। यहां के नियमों के मुताबिक बच्चे सिर्फ 21 साल तक माता-पिता पर निर्भर रह सकते हैं। 21 साल का पूरा होने के बाद बच्चों को माता-पिता के वीजा पर अमेरिका में रहने की इजाजत नहीं है। इस नियम के कारण लाखों भारतीय युवाओं पर ये खतरा मंडरा रहा है।

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ढाई लाख युवाओं को देश से निकाल सकता हैं अमेरिका

Photo : iStock

Indian Visa: यूएस ढाई लाख युवाओं को देश से निकाल सकता है। इनमें से अधिकतर भारतवंशी हैं जो अपने माता-पिता के साथ बचपन में अमेरिका आए थे। जानकारी के मुताबिक, 21 वर्ष की आयु पूरी हो जाने के कारण उन्हें अमेरिका से उस देश में भेजे जाने का खतरा मंडरा रहा है जहां वे किसी को नहीं जानते हैं। व्हाइट हाउस ने गुरुवार को इस गतिरोध के लिए रिपब्लिकन को दोषी ठहराया।

क्या होते है डाक्यूमेंटेड ड्रीमर्स

पिछले महीने, सीनेट उपसमिति के अध्यक्ष सीनेटर एलेक्स पैडीला और प्रतिनिधि डेबोरा रास के नेतृत्व में 43 सांसदों ने बाइडन प्रशासन से 2.5 लाख से अधिक डाक्यूमेंटेड ड्रीमर्स की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया था, लेकिन अब तक इसे लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा सका है। बता दें, माता-पिता के वीजा पर अमेरिका में रहने वाले बच्चों को डाक्यूमेंटेड ड्रीमर्स कहा जाता है। 21 साल का होते ही अगर डाक्यूमेंटेड ड्रीमर्स के पास अपना वीजा नहीं है तो उन्हें देश से निकाल दिया जाता है। वहीं 13 जून को बाइडन प्रशासन को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि ग्रीन-कार्ड के लंबे बैकलाग के कारण, अप्रवासी परिवारों को अक्सर स्थायी निवासी का दर्जा पाने के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता है।

अमेरिका में 12 लाख भारतीय ग्रीन कार्ड वीजा का इंतजार

जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका में बच्चे सिर्फ 21 साल तक माता-पिता पर निर्भर रह सकते हैं। 21 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद बच्चों को माता-पिता के वीजा पर अमेरिका में रहने की इजाजत नहीं है। कई भारतीय बच्चों के साथ अमेरिका में जाकर बस गए हैं। जब उनके बच्चे 21 साल के होंगे तो उन्हें बच्चों को भारत वापस भारत भेजना होगा। वहीं नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी ने अमेरिका में नागरिकता का अध्ययन किया है। इसमें जो आंकड़े सामने आए हैं वो बहुत चौंकाने वाले है। इसके अनुसार करीब 12 लाख भारतीय ग्रीन कार्ड वीजा का इंतजार कर रहे हैं। इमिग्रेशन एंड नेशनलिस्ट एक्ट (INA) के अनुसार अगर कोई बच्चा 21 साल से पहले वैध स्थायी निवासी (LPA) का दर्जा पाने के लिए आवेदन करता है और ग्रीन कार्ड मिलने से पहले वो 21 साल का पूरा हो जाता है। तो उसका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। ऐसे में बच्चे को वयस्‍क के रूप में आवेदन करना होगा, नहीं तो उसे देश छोड़कर जाना होगा।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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