US Iran Peace Talks: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस समय पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad meeting news) में हैं, जहां वे ईरान के साथ महत्वपूर्ण शांति वार्ता में हिस्सा ले रहे हैं। उनके नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंचा है, जो हाल ही में हुए युद्ध के बाद पहली बार इस तरह की उच्च स्तरीय बातचीत कर रहा है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य युद्धविराम को मजबूत करना और क्षेत्र में स्थायी शांति का रास्ता निकालना है। करीब एक महीने पहले शुरू हुए इस संघर्ष ने मध्य पूर्व में हालात को काफी खराब कर दिया था। इस दौरान हजारों लोगों की जान गई, ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई और दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा।
इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अब दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होने से उम्मीद जताई जा रही है कि हालात में सुधार हो सकता है। इस वार्ता के दौरान जेडी वेंस ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ से मुलाकात करेंगे। ईरान की ओर से 71 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा है, जिसमें विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक को देखते हुए इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने 15 बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव रखा है, जबकि ईरान ने 10 बिंदुओं के साथ जवाब दिया है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार को खत्म करे और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोले।
इस वार्ता पर दुनिया की टिकी नजरें
वहीं, ईरान अपनी शर्तों में प्रतिबंध हटाने और क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों को रोकने की बात कर रहा है। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर यह वार्ता सफल नहीं होती है, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ कड़ा सैन्य कदम उठा सकता है। उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटों में यह साफ हो जाएगा कि बातचीत किस दिशा में जा रही है। कुल मिलाकर अगर कहें तो यह वार्ता न सिर्फ अमेरिका और ईरान, बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम मानी जा रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह बातचीत शांति का रास्ता खोल पाएगी या फिर तनाव और बढ़ेगा।
