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'पहलगाम हमले के गुनहगारों का हिसाब हो, आतंक से लड़ाई में हम भारत के साथ', व्हाइट हाउस ने फिर दोहराया समर्थन

Pahalgam Terror Attack : पहलगाम में आतंकवादी हमला होने के बाद दुनिया के देश भारत के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित कर रहे हैं। आतंक के खिलाफ भारत के अभियान को उन्होंने अपना समर्थन दिया है। इस बीच, दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका ने एक बार फिर भारत को अपना समर्थन दोहराते हुए इस जघन्य हमले के दोषियों एवं साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने की बात कही है।

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पहलगाम में 22 अप्रैल को हुआ आतंकवादी हमला।

Pahalgam Terror Attack : पहलगाम में आतंकवादी हमला होने के बाद दुनिया के देश भारत के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित कर रहे हैं। आतंक के खिलाफ भारत के अभियान को उन्होंने अपना समर्थन दिया है। इस बीच, दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका ने एक बार फिर भारत को अपना समर्थन दोहराते हुए इस जघन्य हमले के दोषियों एवं साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने की बात कही है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टैमी ब्रुश ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पहले ही अपना रुख पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि वे इस आंतकवादी हमले के खिलाफ भारत के साथ हैं और आतंकवाद के सभी रूपों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका इस हमले में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देता है और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता है।

प्रवक्ता ने कहा, 'जैसा कि आप जानते हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री रूबियो पहले ही साफ कर चुके हैं कि अमेरिका पूरी तरह भारत के साथ खड़ा है। दोनों नेता चाहते हैं कि पहलगाम आतंकवादी हमले के गुनहगार न्याय के कठघरे में लाया जाए।'

10 किलोमीटर के दायरे वाले क्षेत्र की यात्रा नहीं करें

अमेरिका ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक अद्यतन परामर्श जारी करते हुए अमेरिकी नागरिकों से कहा है कि वे जम्मू कश्मीर और भारत-पाकिस्तान सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे वाले क्षेत्र की यात्रा नहीं करें। अमेरिकी नागरिकों के लिए यह अद्यतन परामर्श बुधवार को जारी किया गया। इससे एक दिन पहले ही आतंकवादियों ने कश्मीर के पहलगाम में गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे। यह 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला था।

जारी किया ताजा परामर्श

अमेरिका के विदेश विभाग की ओर से अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी ताजा परामर्श में कहा गया है, ‘जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादी हमले और हिंसक नागरिक अशांति संभव है। इस राज्य की यात्रा न करें (पूर्वी लद्दाख क्षेत्र और इसकी राजधानी लेह की यात्राओं को छोड़कर)।’इसमें कहा गया, ‘इस क्षेत्र में छिटपुट रूप से हिंसा होती है और भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर यह आम बात है। यह कश्मीर घाटी के पर्यटन स्थलों: श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम में भी होती है।’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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