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Texas Mall Firing: अमेरिका में टेक्सास मॉल में गोलीबारी, हमलावर समेत नौ की मौत

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 7, 2023, 08:13 AM IST

Texas Mall Firing: अमेरिका में इस तरह सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं काफी आम हो गई हैं। गन वायलेंस आर्काइव के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में इस वर्ष अब तक 195 से अधिक बड़े पैमाने पर गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें चार या इससे अधिक लोगों की मौत हुई है।

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टेक्सास के मॉल में गोलीबारी में नौ घायल

Photo : AP

Texas Mall Firing: अमेरिका में खुलेआम गोलीबारी की खबरें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। यहां के टेक्सास में एक बार फिर से गोलीबारी हुई है। इस बार एक मॉल के भीतर लोगों को गोलियां दागी गईं। इस घटना में नौ लोगों को गोली लगने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के दौरान पुलिस की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें एक संदिग्ध की मौत की सूचना है।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार को टेक्सास के डलास स्थित एक मॉल में दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गोलीबारी हुई। पुलिस ने बताया, इस घटना में घायल होने वालों में कुछ बच्चे भी हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है।

कुछ लोगों की मौत भी हुई

टेक्सास पुलिस अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, घटना में कम से कम आठ लोगों की गोली लगने के कारण मौत हो गई। वहीं, कॉलिन काउंटी शेरिफ ने कहा, घटना के बाद एक संदिग्ध को मार गिराया गया है। पुलिस ने बताया, घटना के बाद माल में भगदड़ मच गई। कई सीसीटीवी फुटेज में लोगों को गोलीबारी के बाद इधर से उधर भागते हुए दिखाया गया है। उधर, टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने सामूहिक गोलीबारी को त्रासदी करार दिया।

पुलिस ने चलाया तलाशी अभियान

मॉल में सामूहिक गोलीबारी की घटना के बाद पुलिस ने मॉल व आसपास के इलाके को पूरी तरह सील करके सघन तलाशी अभियान चलाया। टेक्सास पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि अब कोई खतरा नहीं है, इलाका पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया है।

अमेरिका में सामूहिक गोलीबारी में बढ़ रही मृतकों की संख्या

अमेरिका में आए दिन हो रही गोलीबारी के कारण मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में इस तरह की घटनाओं में 49,000 और 2020 में 45,000 लोगों की मौत हुई थी। गन वायलेंस आर्काइव के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में इस वर्ष अब तक 195 से अधिक बड़े पैमाने पर गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें चार या इससे अधिक लोगों की मौत हुई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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