शहर

दिल्ली में तापमान ने लगाया गोता, नॉर्थ-ईस्ट में बारिश, क्या इस बार जल्दी आ रही सर्दी, IMD का क्या है कहना

दिल्ली में सितंबर का न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक गिरने के चलते सर्दी का ऐहसास होने लगा। इससे इस साल जल्दी सर्दी आने की चर्चा भी तेज हो गई। चलिए जानते हैं क्या इस बार सर्दियां जल्दी आ रही हैं? IMD का क्या है कहना -

Image

इस बार सर्दियां जल्दी आएंगी? चलिए जानते हैं इस प्रश्न का उत्तर

Weather Update: दिल्ली-NCR में सितंबर के अंतिम दिनों में ही लोगों को सर्दी का एहसास होने लगा है। मौसम में आए अचानक बदलाव और बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या इस बार सर्दी समय से पहले ही दस्तक देने वाली है? भारत मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 21 डिग्री सेल्सियस तापमान सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम था। सितंबर में दिल्ली का न्यूनतम तापमान साल 2008 के बाद पहली बार इस स्तर तक पहुंचा है।

दिल्ली-एनसीआर में फिर बढ़ेगा तापमान

हालांकि, मौसम जानकारों के अनुसार, तापमान में इस गिरावट को सर्दियों की शुरुआत मानना अभी जल्दबाजी होगी। अक्टूबर की शुरुआत में दिल्ली-NCR में दिन का तापमान फिर बढ़ने का अनुमान है, जबकि उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, अक्टूबर की शुरुआत में दिल्ली-NCR का अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

इसका मतलब है कि सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। इसके बावजूद दिन के समय गर्मी बनी रह सकती है। ऐसे में फिलहाल तापमान में आई गिरावट के आधार पर सर्दी के जल्दी आने का निष्कर्ष निकाला जाना ठीक नहीं है।

उत्तर भारत और पूर्वोत्तर में बारिश के आसार

मौसम विभाग के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार, अक्टूबर के पहले हफ्ते में देश के पाकी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। इसी दौरान एक एक्टिव वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है।

इसके चलते हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। कल यानी 1 से 7 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के अलावा पूर्वोत्तर, पूर्वी, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम स्तर की बारिश का अनुमान है। IMD के दिए गए पूर्वानुमान में इस दौरान देश के किसी भी हिस्से में लू या वॉर्म नाइट जैसी परिस्थितियों की संभावना नहीं जताई गई है।

अभी ऐसी स्थिति है भारत के ऊपर बादलों की (फोटो - IMD)

अभी ऐसी स्थिति है भारत के ऊपर बादलों की (फोटो - IMD)

क्या इस बार जल्दी आएगी सर्दी?

मौसम में अचानक आए बदलाव को समझने के लिए सक्रिय मौसमी प्रणालियों पर नजर डालना जरूरी है। बता दें कि बंगाल की खाड़ी डीप डिप्रेशन की वजह से पूर्वी भारत में काफी बारिश हुई और इसका असर दिल्ली-एनसीआर तक देखने को मिला। यही नहीं यह ज्यादा समय तक एक्टिव भी रहा। जिसके कारण मौसम में बदलाव और तापमान में गिरावट जैसी परिस्थितियां बनीं। इसलिए कुछ दिनों के लिए तापमान ने गोता जरूर लगाया है और तापमान के इस गोता लगाने का अर्थ पूरे उत्तर भारत में सर्दियां जल्दी शुरू होना नहीं है। सर्दियों की शुरुआत के लिए अभी आने वाले हफ्तों के तापमान और मौसम गतिविधियों का रुझान देखना होगा।

अल नीनो का सर्दियों पर क्या होगा असर?

सर्दियों के पूर्वानुमान में अल-नीनो की स्थिति भी अहम हो सकती है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर (Tropical Pacific Ocean) में असामान्य गर्मी के बीच अल नीनो के मजबूत होने की संभावना जताई है। इसका मतलब साफ है कि इस बार की सर्दियां आम सर्दियों से गर्म होंगी और सर्दी जल्दी आने की संभावना भी ना के बराबर है। अल-नीनो का प्रभाव 2026 के अंत और 2027 की शुरुआत तक रह सकता है।

भारत में आगामी सर्दियों के तापमान और बारिश पर अल-नीनो का कितना असर पड़ेगा, यह अभी साफ नहीं है। आने वाले महीनों में मौसम विभाग के अपडेट से तस्वीर साफ होगी। फिलहाल दिल्ली-NCR में तापमान में उतार-चढ़ाव और देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की संभावना पर नजर रखनी होगी।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!