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US सीक्रेट सर्विस चीफ ने दिया इस्तीफा, डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में चूक की ली जिम्मेदारी

US Secret Service Chief resigns: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले के कुछ दिन बाद यूएस सीक्रेट सर्विस चीफ ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ट्रंप की सुरक्षा में चूक की जिम्मेदारी ली है।

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ट्रंप पर हमले के बाद सीक्रेट सर्विस चीफ ने दिया इस्तीफा।

Photo : AP

US Secret Service Chief resigns: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले के कुछ दिन बाद यूएस सीक्रेट सर्विस चीफ ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ट्रंप की सुरक्षा में चूक की जिम्मेदारी ली है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले के कुछ दिन बाद यूएस सीक्रेट सर्विस चीफ किम्बर्ली चीटल ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ट्रंप की सुरक्षा में चूक की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया। ट्रंप पर हमले के बाद उनके समर्थक लगातार उनसे इस्तीफे की मांग कर रहे थे। एक दिन पहले किम्बर्ली चीटल ने सीक्रेट सर्विस के इतिहास में ट्रंप पर हमले को सबसे बड़ी चूक करार दिया था।

उधर, सीक्रेट सर्विस चीफ के इस्तीफे पर रिपब्लिकन हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा है कि उन्हें सही काम किया है, लेकिन यह काम एक सप्ताह पहले कर लेना चाहिए था। जॉनसन ने कहा है कि मुझे यह देखकर खुशी हुई कि उन्होंने रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों की अपील पर ध्यान दिया है।

रैली के दौरान मारी गई थी गोली

बता दें, बीते दिनों अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक रैली के दौरान हमला हुआ था। हमलावर ने ट्रंप पर उस समय गोली चलाई जब वह भाषण दे रहे थे। गोली ट्रंप के कान को छूकर निकली, जिसके बाद वह जमीन पर गिर पड़े। हालांकि, सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने उन्हें घेर लिया और सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद सीक्रेट सर्विस ने हमलावर को भी मार गिराया। इस हमले में ट्रंप की रैली में शामिल एक व्यक्ति की भी मौत हो गई थी।

राष्ट्रपति चुनाव में बड़ा उलटफेर

ट्रंप पर हमले के बार अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडन राष्ट्रपति पद की रेस से बाहर हो गए हैं। उन्होंंने अपनी दावेदारी वापस ले ली है, जिसके बाद बाइडेन ने कमला हैरिस के अपना समर्थन दिया है। कमला हैरिस को पूर्व राष्ट्रपति ओबामा और नैंसी पेलोसी का भी समर्थन प्राप्त है। संभावना जताई जा रही है कि वह डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हो सकती हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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