Russian Oil Sanctions: अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंधों को लेकर नया ऐलान किया है। अमेरिका ने रूस के तेल पर छूट को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब पूरी दुनिया रूस से वो तेल खरीद सकती है,जो समुद्र में इस समय मौजूद है। भारत को भी इससे काफी फायदा होगा, भारत, रूसी तेल का बड़ा खरीददार रहा है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण इसमें समस्या आती रही है।
रूस का तेल खरीदने की छूट कब तक?
वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच अमेरिका ने रूस से पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने पर लगी प्रतिबंधात्मक शर्तों में आंशिक राहत देते हुए छूट की अवधि एक महीने के लिए बढ़ा दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ ही दिन पहले अमेरिका ने संकेत दिया था कि वह इस विशेष छूट को आगे नहीं बढ़ाएगा। अमेरिकी वित्त मंत्रालय United States Department of the Treasury ने शुक्रवार देर रात एक आदेश जारी कर बताया कि 17 अप्रैल या उससे पहले समुद्र में लदे रूसी तेल पर लागू प्रतिबंध से छूट को अब 16 मई तक बढ़ा दिया गया है।
अमेरिकी आदेश में क्या?
इसका मतलब है कि जो तेल पहले से जहाजों में लोड हो चुका है, उसे वैश्विक बाजारों तक पहुंचने की अनुमति मिलेगी। ट्रेजरी विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया- "17 अप्रैल, 2026 से प्रभावी, जनरल लाइसेंस संख्या 134A-जो 19 मार्च, 2026 का था और 11 अप्रैल, 2026 को समाप्त हो गया था-को पूरी तरह से इस जनरल लाइसेंस संख्या 134B द्वारा प्रतिस्थापित और अधिक्रमित किया जाता है।"
किन चार देशों को नहीं मिलती है छूट?
इससे पहले अमेरिका ने 5 मार्च से एक महीने के लिए India को रूसी तेल खरीदने पर प्रतिबंध से विशेष छूट दी थी। बाद में इसी तरह की राहत कई अन्य देशों को भी दी गई थी, जिसकी समय सीमा 11 अप्रैल को समाप्त हो गई थी। नई सामान्य लाइसेंस के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि यह छूट Iran, North Korea, Cuba या Ukraine के कुछ हिस्सों में स्थित किसी व्यक्ति, संस्था या संयुक्त उद्यम से जुड़े लेन-देन की अनुमति नहीं देती है।
