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अमेरिकी यूनिवर्सिटी में गोलीबारी की सूचना पर पहुंची पुलिस, दो घंटे के लिए बंद कराया परिसर

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 8, 2023, 03:37 PM IST

US News: पुलिस के मुताबिक, उन्हें सूचना मिली अमेरिकी विश्वविद्यालय में एक व्यक्ति घुस गया है, वह लगातार फायरिंग कर रहा है। छात्रों को साउथ ओवल एरिया की तरफ न जाने की सलाह दी गई है।

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अमेरिकी यूनिवर्सिटी में गोलीबारी की सूचना पर पहुंची पुलिस

Photo : iStock

Active Shooter at US university: अमेरिका के ओक्लाहोमा विश्वविद्यालय में शुक्रवार रात को गोलीबारी की सूचना के बाद पुलिस जांच में जुट गई। अधिकारियों के मुताबिक, परिसर को दो घंटे के लिए बंद कर दिया गया और वहां मौजूद लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया, लेकिन जांच में खतरा नहीं मिला।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को रात को साढ़े नौ बजे के आसपास गोलीबारी की सूचना मिली, जिसके बाद उसने लोगों से सुरक्षित स्थानों का रुख करने और साउथ ओवल इलाके में जाने से बचने को कहा।

ट्वीट कर पुलिस को दी गई जानकारी

विश्वविद्यालय ने शुरू में ट्वीट किया था, वान वीलेट ओवल में एक सक्रिय बंदूकधारी है। अभी तुरंत कार्रवाई करें। भागें। छिपें। लड़ें। हालांकि, बाद के ट्वीट में विश्वविद्यालय ने कहा कि पुलिस संभावित गोलीबारी की जांच कर रही है। इसके बाद पुलिस की दर्जनों गाड़ियां और एंबुलेंस परिसर के आसपास पहुंच गईं। अधिकारियों ने रात में ही इलाके की तलाशी शुरू की। रात करीब 11 बजे विश्वविद्यालय पुलिस ने कहा कि सब कुछ ठीक है।

परिसर में नहीं मिला कोई खतरा

पुलिस ने ट्वीट किया, अच्छी तरह से तलाशी लेने के बाद, कोई खतरा नहीं पाया गया है। परिसर को कोई खतरा नहीं है। अलर्ट को रद्द किया जाता है।

पुलिस के मुताबिक, विश्वविद्यालय में कोई भी जख्मी नहीं हुआ है। मामले को लेकर अधिक जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी है।

अमेरिका में लगातार सामने आ रहीं फायरिंग की घटनाएं

अमेरिका में इस तरह की गोलीबारी की घटनाएं आम होती जा रही हैं। हमलावर लगातार स्कूलों और यूनिवर्सिटी कैंपस को निशाना बना रहे हैं। इन हमलों में कई बच्चों से लेकर पुलिसकर्मियों की भी जान जा चुकी है। ऐसी घटनाओं के बाद अमेरिका में एक बार फिर से गन कल्चर को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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